बसपा से निष्कासित विधायक व राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर का कहना है उन्हें निष्कासन की कोई जानकारी नहीं है। न तो वह किसी पार्टी में जा रहे थे और न ही जाएंगे। वह बसपा में थे, बसपा में हैं और बसपा में ही रहेंगे। पूर्व मंत्री राम अचल ने 'अमर उजाला' से कहा कि कहा कि बसपा के मिशन व मूवमेंट में आस्था है। बहनजी के नेतृत्व में काम करते रहे हैं, करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसी ने कोई गकतफहमी पैदा की होगी। इसके लिए उन्हें किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है। मुझे नहीं पता कि किस वजह से निष्काषित किया गया है। राम अचल ने कहा कि उन्हें बसपा को वोट देने और दिलाने से कोई नहीं रोक सकता।
बसपा के लिए भी बड़ा झटका
राम अचल राजभर व लालजी वर्मा का निष्कासन इन नेताओं के लिए ही नहीं बसपा के लिए भी बड़ा झटका है। पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य सहित बसपा में पहली कतार के सभी प्रमुख पिछड़े नेता या तो बसपा छोड़ चुके हैं या निष्कासित किये जा चुके हैं।
ये 9 विधायक पहले से ही निलंबित
1- असलम राइनी ( भिनगा-श्रावस्ती)
2- असलम अली (ढोलाना-हापुड़)
3- मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-इलाहाबाद)
4- हाकिम लाल बिंद (हांडिया- प्रयागराज)
5-हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर)
6-सुषमा पटेल( मुंगरा बादशाहपुर)
7-वंदना सिंह -( सगड़ी-आजमगढ़)
8- अनिल सिंह (पुरवा-उन्नाव)
9- रामवीर उपाध्याय (सादाबाद-हाथरस)