प्रदेश बारिश व ओले गिरने से फसलों को हुए भारी नुकसान के मामले को लेकर विपक्ष ने मंगलवार को प्रश्न प्रहर में विधानसभा में खूब हंगामा किया। विपक्ष ने सदन की कार्यवाही रोककर इस मामले पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। कांग्रेस व राष्ट्रीय लोकदल के सदस्य वेल में आ गए।
संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह कुदरत की वजह से हुआ है। इसके लिए सरकार कतई जिम्मेदार नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा चर्चा की अनुमति न दिए जाने के विरोध में पहले बसपा और फिर कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।
आजम ने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इन्हें किसानों से हमदर्दी नहीं है। विपक्षी दलों में होड़ इस बात की है पहली खबर किसकी बने। आजम ने सवाल उठाया कि वॉकआउट इस सरकार के खिलाफ है या ऊपर वाले की सरकार के खिलाफ। ये ऊपर वाले से भी नहीं डरते। भाजपा के सदस्यों ने भी यह मुद्दा उठाया तो अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्न प्रहर के बाद इस पर विचार करेंगे।
फसल खराब होने का मुद्दा उठा
आज प्रश्न प्रहर शुरू होते ही बसपा, भाजपा, कांग्रेस व रालोद के सदस्यों ने बारिश व ओले गिरने से फसलों को हुए नुकसान का मामला उठाया। नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य, भाजपा के नेता सुरेश खन्ना, कांग्रेस के प्रदीप माथुर तथा रालोद के दलवीर सिंह अपने-अपने सदस्यों के साथ खड़े होकर जोर-जोर से बोलने लगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बारिश व ओले गिरने से दलहन, तिहलन, आलू आदि की फसल बर्बाद हो गई है। किसान तबाह हो गया है और त्राहि-त्राहि कर रहा है। इसी बीच कांग्रेस व रालोद के सदस्य वेल में आकर जोर-जोर से बोलने लगे। भाजपा के सदस्य अपनी जगह पर खड़े होकर बोल रहे थे।
आजम ने कहा कि यह सब कुदरत की वजह से हुआ है। इसमें सरकार क्या कर सकती है? अगर विपक्ष इसके लिए किसी पार्टी या सरकार को जिम्मेदार मानता है तो फिर जैसा राजा वैसी प्रजा। मामला गंभीर है। अध्यक्ष चाहें तो प्रश्न प्रहर के बाद इस पर विचार कर लें।
किसी को नहीं है किसानों की चिंता?
हंगामे और शोर-शराबे की बीच आजम ने कहा कि विपक्ष को न तो किसानों से हमदर्दी है न उनकी परेशानी की चिंता। होड़ तो इस बात की है पहली खबर किसकी बनेगी। इस पर बसपा के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए।
आजम ने कहा कि कांग्रेस व रालोद के वेल में आ जाने से पहली खबर उनकी बनती है। बसपा का बहिर्गमन पीछे चला गया। इसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने भी वॉकआउट किया।
भाजपा के सुरेश खन्ना ने कहा कि शनिवार से बीती रात तक प्रदेश में अथाह बारिश हुई है जिससे सारी फसलें तबाह हो गई हैं और किसान बर्बाद हो गया है। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही स्थगित करके इस पर चर्चा कराई जाए।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नों के बाद इस पर विचार करेंगे। प्रश्न प्रहर के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देने लगे। इसके बाद विपक्ष ने यह मुद्दा नहीं उठाया।