मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैट प्रणाली के समय बकाया राजस्व की वसूली के लिए ओटीएस लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राजस्व बढ़ाने के लिए कम से कम 25 लाख नए व्यापारियों का जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए कर चोरी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ प्रवर्तन की कार्रवाई तेज करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों के क्रियाकलापों की समीक्षा भी परफॉर्मेंस के आधार पर करने को कहा है।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को लोकभवन में वाणिज्यकर विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनसंख्या और उपभोक्ता के लिहाज यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है। इसलिए यहां जीएसटी की वसूली भी उसी अनुपात में बढ़नी चाहिए। मुख्यमंत्री ने राजस्व वसूली से संबंधित अधिकारियों की भी जवाबदेही तय करने के साथ ही उनके परफॉर्मेंस के आधार पर अधिकारियों को जिम्मेदारी देने को कहा है। तकनीक का उपयोग करते हुए कर चोरी रोकने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन भी बढ़ाया जाए। उन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने वाले व्यापारियों को निशुल्क 10 लाख तक का बीमा किए जाने की व्यवस्था समेत रजिस्ट्रेशन कराने के अन्य लाभों के बारे में भी व्यापारियों को जागरूक करने को कहा है।
व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए व्यापार कल्याण बोर्ड की मदद लेने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने के बारे में भी प्रशिक्षित करने को कहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, अयोध्या, गौतमबुद्धनगर, गोरखपुर, गाजियाबाद, लखनऊ व मेरठ आदि जोनों एडिशनल कमिश्नरों से रिटर्न फाइलिंग की जानकारी ली। जिसमें वैट के बकाया राशि की वसूली के लिए ओटीएस लागू करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, आयुक्त वाणिज्य कर अमृता सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।