रामनगर (बाराबंकी)। बाराबंकी-गोंडा-बहराइच हाईवे पर सरयू नदी के संजय सेतु के एक्सपेंशन जॉइंट्स में बुधवार को एक बार फिर दरार आ गई। वहीं जॉइंट्स के आरसीसी लिंटर भी कई जगह टूटे मिले हैं। इससे सेतु पर भारी वाहनों के गुजरने पर कंपन से जोखिम भरा सफर हो गया।
इसकी सूचना पर जहां भारी वाहनों को दूसरे मार्गों की ओर से डायवर्ट किया गया तो छोटे वाहनों को भी बैरिकेडिंग कर किनारे से निकाला गया। हालांकि जानकारी मिलते ही पीएनसी ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। यह सेतु बहराइच, गोंडा, बलरामपुर के अलावा नेपाल राष्ट्र को जोड़ता है।
पिछले साल भी संजय सेतु के एक्सपेंशन जॉइंट्स में कई बार दरार आई थी। पुल के अलग-अलग हिस्सों को संभालने के लिए नीचे बने पिलर पर सस्पेंशन का इंतजाम होता है। ताकि ये झटके बर्दाश्त कर टिके रह सकें। पहली दफा इसमें दिक्कत 2021 के जनवरी माह में आई थी। टीम ने आकर जांच की और मरम्मत की।
कहा कि पुल पर सिर्फ ऊपर से परेशानी है, भीतरी रूप से वो मजबूत है। उसके बाद फिर अक्टूबर में वही परेशानी सिर उठाकर खड़ी हो गई। एक बार फिर टीम आई दुरुस्त कर चली गई। लगातार आ रही दिक्कतों के बावजूद गति सीमा निर्धारित कर वाहनों के गुजरने की कोई रणनीति नहीं बनाई गई।
इसी का नतीजा ये हुआ है कि एक बार फिर से कई टन वाले भारी झटके खाकर इसके ज्वाइंट खुल गए है। लम्बी चौड़ी दरार से आवागमन किसी भी समय बंद करने की नौबत आ सकती है। वाहनों के गुजरने से दरारें और गहराती जा रही हैं। लोहे की सरिया और एंगल भी टूट रहे हैं। पीएनसी संस्था द्वारा एनएचआई की देखरेख में किया गया मरम्मत भी काम नहीं आया।
नए सिरे से मरम्मत कार्य देर रात तक जारी रहा। पीएनसी के रेजीडेंट इंजीनियर प्रमोद यादव ने बताया कि संजय सेतु के चार सस्पेंशन जॉइंट्स में थोड़ी दरार आई थी। मरम्मत की जा रही है। कुछ काम बाकी है, वह भी जल्द पूरा करा दिया जाएगा।