सेतु निगम के एमडी योगेश पवार ने बताया कि पुल का एक हिस्सा कैसे गिरा, इसका विशेषज्ञों से परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया है। गहराई की जांच की जाएगी। लोड टेस्टिंग भी कराएंगे। मिट्टी की जांच भी होगी। आर्टिजन बनने की आशंका को भी देखा जाएगा। अगर बाकी खंभे जांच में सही मिले तो गिरे हुए हिस्से को ही नए सिरे से बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कहां और क्या दिक्कत रही, इसे परीक्षण पूरा होने के बाद ही बताया जा सकता है।