उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी बमकांड के आरोपी जिसे हाल में सेशन कोर्ट ने सजा सुनाई वह भी सपा के लिए शांतिदूत ही था। तभी तो उसकी पैरवी के लिए हाईकोर्ट तक गए थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने अपने कार्यकाल में सिर्फ दंगा और दंगाइयों का समर्थन किया हो वो आज इंसाफ की बात करते हैं।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ट्वीट पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि सपा को पत्थरबाजों व आतंकियों में हमेशा से ही शांतिदूत नजर आते हैं। वाराणसी, अयोध्या और लखनऊ में भी कुछ साल पहले जब आतंकियों ने बम ब्लास्ट कर कई बेगुनाहों की जान ली थी तब उन कथित शांतिदूतों की पैरवी के लिए सपा हाईकोर्ट तक चली गई थी।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी बमकांड के आरोपी जिसे हाल में सेशन कोर्ट ने सजा सुनाई वह भी सपा के लिए शांतिदूत ही था। तभी तो उसकी पैरवी के लिए हाईकोर्ट तक गए थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने अपने कार्यकाल में सिर्फ दंगा और दंगाइयों का समर्थन किया हो वो आज इंसाफ की बात करते हैं। हमारी सरकार में दंगाइयों के लिए कोई जगह नहीं है।
हमारी सरकार अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है और ऐसे पत्थरबाजों को किसी भी हालत में बख्शेगी नहीं। तुष्टीकरण की इसी राजनीति के कारण हाल के वर्षों में पंचायत से लेकर देश की सबसे बड़ी पंचायत के चुनाव में सपा को मुंह की खानी पड़ी है। योगी सरकार जो कर रही है वह कानून की मुकम्मल बुनियाद पर कर रही है।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब अखिलेश ने दंगाइयों व पत्थरबाजों की पैरवी की हो। जब-जब योगी सरकार का बुलडोजर इन अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर गरजता है तो अखिलेश इनके समर्थन में आ जाते हैं। अगर ये इनके समर्थन में नहीं उतरेंगे तो इनकी राजनीति कैसे चमकेगी।
विदित हो कि अखिलेश ने ट्वीट किया कि ‘अब अजायबघर में ले जाकर रख दो इंसाफ की तराजू को और कर दो एलान हुक्मरानों ने ही ले लिया है कानून हाथों में।’ उन्होंने एक और ट्वीट किया, ‘ये कहां का इंसाफ है कि जिसकी वजह से देश में हालात बिगड़े़ और दुनिया भर में सख्त प्रतिक्रिया हुई वह सुरक्षा के घेरे में है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को बिना वैधानिक जांच पड़ताल बुलडोजर से सजा दी जा रही है। इसकी अनुमति न हमारी संस्कृति देती है, न धर्म, न विधान, न संविधान देती है।