बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) वालों को संघर्ष का फल मिलने वाला है। राज्य सरकार उन्हें भी इंटर कॉलेजों में शारीरिक शिक्षक के लिए पात्र मानने का मन बना रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली 1983 में संशोधन की तैयारी है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। नियमावली संशोधन के बाद बीपीएड वाले भी इंटर कॉलेजों में शारीरिक शिक्षक बनने के लिए पात्र हो जाएंगे।
प्रदेश में मौजूदा समय करीब 45,000 बीपीएड वाले नौकरी की तलाश में घूम रहे हैं। इन्हें निजी स्कूलों या परिषदीय स्कूलों में संविदा शिक्षक बनने का ही मौका मिल पाता है।
इंटर कॉलेजों में शारीरिक शिक्षक के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि व शारीरिक शिक्षा में डिप्लोमा वालों को पात्र माना गया है। बीपीएड वालों का कहना है कि वे डिग्रीधारक हैं। डिप्लोमा से इसे उच्च माना जाना चाहिए, लेकिन सरकार इन्हें अपात्र मान रही है।