खुद को रामदेव का चेला बताने वाला व्यक्ति रायबरेली में घर घर ऐसी किताबें डाल रहा था, जिसमें सोनिया, राहुल पर बेहद आपत्तिजनक सामग्री थी।
भाजपा और पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ पर्चे बांटने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि एक दिन बाद रविवार को कांग्रेस प्रत्याशी सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल के खिलाफ बांटी जा रही आपत्तिजनक किताबों के साथ एक व्यक्ति पकड़ा गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र में स्टेटिक, फ्लाइंग स्क्वायड और पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार की तड़के एक युवक को 3250 पुस्तकों के साथ उस समय गिरफ्तार किया, जब वह बाइक से घर-घर जाकर किताबों को दरवाजे पर फेंक रहा था।
इन पुस्तकों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कई आपत्तिजनक मुद्दे उठाए गए हैं।
बरामद हुई 3250 किताबें
युवक के पास से बगैर दस्तावेजों की बाइक भी बरामद हुई। स्टेटिक और फ्लाइंग स्क्वायड टीम के प्रभारी ने कोतवाली में युवक के खिलाफ केस कराया है।
बाइक को भी पुलिस ने सीज कर दिया है। स्टेटिक टीम के प्रभारी ओमप्रकाश और फ्लाइंग स्क्वायड टीम के प्रभारी संदीप कुमार श्रीवास्तव रविवार की सुबह शहर में भ्रमण कर रहे थे।
गोराबाजार के पास उन्हें बाइक पर सवार एक युवक झोला लेकर घूमता दिखा। वह घरों और दुकानों के सामने कुछ किताबें फेंकते हुए जा रहा था।
इसी समय कोतवाली के एसआई शैलेंद्र सिंह और सिपाही हरपाल भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने युवक को रोककर पड़ताल की, जिस पर युवक के झोले से 3250 किताबें बरामद हुई।
सोनिया, राहुल के खिलाफ था कंटेट
ये किताबें सोनिया और राहुल के खिलाफ छपवाई गईं थीं। इनमें न तो मुद्रक का नाम था और न ही प्रकाशक का। इस पर पुलिस युवक को कोतवाली ले आई।
शहर कोतवाल संजय नाथ तिवारी का कहना है कि पकड़ा गया युवक राम विशाल मौर्य मिल एरिया थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव का निवासी है। उसे बांटने के लिए पुस्तकें किसने दीं, इस बारे में वह कुछ नहीं बता पा रहा है।
इतना जरूर बताया कि उसे किताबें कई स्थानों से दी गईं। संबधित स्थानों पर छापेमारी की गई तो पुलिस को वहां कुछ नहीं मिला। युवक के पास बाइक के दस्तावेज भी नहीं थे।
कोतवाल ने बताया कि स्टेटिक टीम और फ्लाइंग स्क्वायड टीम के प्रभारी की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। किताबें कहां से मिली और कितनी मात्रा में बांटी गई हैं, इसकी पड़ताल की जा रही है।
खुद को बताया रामदेव का चेला
सोनिया और राहुल के विरोध में छपी किताबें शहर में फैलाते पकड़ा गया युवक खुद को बाबा रामदेव का परम शिष्य बता रहा है।
उसका कहना है कि बाबा रामदेव उसके लिए परमपूज्य और भगवान के समान हैं। क्या बाबा ने किताबें बांटने के लिए दी हैं, इस पर वह खामोश हो गया और कुछ नहीं बोला।
एक बोरा लाई गईं पुस्तकें
पुलिस द्वारा कड़ाई से की पूछताछ में युवक ने बताया कि ऐसी ही कई बोरा पुस्तकें हैं। बोरों से निकाल कर किताबें उसे बांटने के लिए दी गई थीं।
बगैर शोरशराबे के हर हाथों तक किताबें पहुंचाने के लिए भोर के सन्नाटे में घरों व दुकानों के पास किताबें फेंकी जा रही थीं। बोरो में भरी किताबें कहां हैं। इस पर उसने कई स्थानों के नाम बताए, लेकिन पुलिस को वहां से कुछ नहीं मिला।