संभल में सिपाही की हत्या कर फरार हुए तीनों कैदियों पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। फरार हुए कैदी कमल, शकील व धर्मपाल हैं। उनकी धरपकड़ के लिए यूपी एसटीएफ की टीम लगाई गई है।
बता दें कि बुधवार को जिला कारागार मुरादाबाद से चंदौसी एडीजे कोर्ट में पेशी पर ले जाए गए तीन बंदी पेशी से लौटते वक्त दो सिपाहियों की हत्या कर फरार हो गए। तीनों बंदियों और 21 अन्य बंदियों के साथ पुलिस की कैदी वैन से पुलिस सुरक्षा में मुरादाबाद जेल लाया जा रहा था।
चंदौसी से करीब दो किमी निकलते ही बंदियों ने चलती वैन में तमंचों से सिपाहियों पर गोली चला दी। इसके बाद वैन की जाली तोड़ी और एक सिपाही की रायफल लूटकर फरार हो गए।
बदमाशों से दुस्साहस से सहमे वैन में बंद 21 अन्य बंदी और आगे ड्राइवर के साथ बैठा दरोगा व दो सिपाही विरोध की हिम्मत नहीं जुटा सके। दुस्साहसिक वारदात से पुलिस महकमा सन्न है। आईऱ्जी व एसपी के नेतृत्व में पुलिस की टीमें देर रात तक जंगल में कांबिंग में जुटी थीं।
आईजी रमित शर्मा के मुताबिक सिपाहियों की हत्या करके फरार होने वाले तीनों बंदियों में से दो कमल पुत्र जंग बहादुर और शकील पुत्र नूर मुहम्मद संभल के बहजोई थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा के रहने वाले हैं।
जबकि तीसरा बंदी धर्मपाल पुत्र देशराज बहजोई के गांव भरतपुर का रहने वाला है। आईजी के मुताबिक कमल और शकील बहजोई थाने में वर्ष 2014 में दर्ज आईपीसी 328/364ए के मुकदमे में जेल में बंद थे। जबकि धर्मपाल बहजोई के ही 2011 के 392/120 बी के मुकदमे में मुरादाबाद जेल में बंद था।
तीनों की बुधवार को चंदौसी कोर्ट में पेशी थी। पेशी के बाद शाम को करीब साढ़े पांच बजे पुलिस वैन 24 बंदियों को लेकर मुरादाबाद जेल को चली। वैन में दरोगा चेतराम दो सिपाहियों के साथ आगे ड्राइवर के पास बैठे थे जबकि दो सिपाही हरेंद्र और ब्रजपाल पीछे बैठे थे।
चंदौसी से दो किमी निकलते ही चंदौसी - मुरादाबाद रोड पर चंदौसी ग्रीन कालोनी के सामने जैसे ही वैन पहुंची तभी तीनों बंदियों ने पीछे बैठे सिपाहियों की आंखों में मिर्च झोंक दीं। पुलिस का कहना है कि बंदियों के पास पहले से तमंचे थे। उन्होंने तमंचों से दोनों सिपाहियों पर गोलियां बरसा दीं।
गोली लगने से संभल रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात सिपाही हरेंद्र पुत्र शिवचरन निवासी चंदूपुरा कोतवाली देहात (बिजनौर) और ब्रजपाल पुत्र कोमल सिंह निवासी तेली नंगला थाना नांगल (बिजनौर ) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस दौरान एक बदमाश तमंचा दिखाकर बाकी बंदियों को कवर किए रहा।
सिपाहियों को मारने के बाद तीनों बंदियों ने वैन की ग्रिल तोड़ी और एक सिपाही की रायफल लूट ली। गोली चलने की आवाज पर ड्राइवर ने वैन रोकी। आगे मौजूद पुलिस कर्मी बदमाशों के हाथों में रायफल देख विरोध की हिम्मत नहीं जुटा सके।
वारदात के बाद बदमाश खेतों में होते हुए फरार हो गए। वैन में मौजूद कुछ बंदियों का यह भी कहना है कि बदमाशों के साथियों ने बाहर से भी गोली चलाई थीं।
हालांकि आईजी का कहना है कि शुरुआती छानबीन के बाद ही घटनाक्रम स्पष्ट होगा। घटना का पता चलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। एडीजी अविनाश चंद्र और आईजी रमित शर्मा समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए।