बोर्ड परीक्षा के दौरान अब मेडिकल छुट्टी लेना मुश्किल होगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक परीक्षा केंद्र के प्रधानाचार्य, अध्यापक, केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक को अब सामान्य रुप से मेडिकल छुट्टी नहीं मिलेगी। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र चिकित्सा पर ही अवकाश दिये जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि बोर्ड परिषद के आदेश का अनुपालन सभी कक्ष निरीक्षक व अन्य अधिकारियों को करना होगा। उन्होंने बताया फर्जी तरीके से अस्वस्थ्यता का प्रमाण पत्र बनवाकर छुट्टी ले लेते हैं, इसकी वजह से परीक्षा कराने में कठिनाई होती है।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा के लिए चयनित राजधानी के तीन पर्यवेक्षकों को इलाहाबाद बोर्ड परिषद में ट्रेनिंग दी जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने राजकीय, अनुदानित व निजी इंटर कालेज के तीन पर्यवेक्षकों को बोर्ड परिषद भेजने की तैयारी के निर्देश दिये हैं। हालांकि, भेजे जाने वाले परीक्षा केंद्र के पर्यवेक्षकों के नाम का चयन अभी नहीं हुआ है।
फरवरी माह से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा शुरु होनी है। नकलविहिन परीक्षा कराने के लिए सभी पर्यवेक्षकों को ट्रेनिंग दी जानी है। 24 जनवरी को प्रदेश के हर जिलों से तीन-तीन पर्यवेक्षकों को इलाहाबाद बोर्ड परिषद पहुंचना है। बोर्ड परिषद के निर्देश पर राजधानी से भी तीन पर्यवेक्षकों की सूची तैयार की जा रही है। डीआईओएस के मुताबिक बोर्ड परिषद में ट्रेनिंग लेने वाले तीन पर्यवेक्षक ही राजधानी के अन्य पर्यवेक्षकों को परीक्षा कराने से संबंधित जानकारी देंगे। इसके लिए 27 जनवरी की तिथि प्रस्तावित है।
डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि लखनऊ में 136 परीक्षा केंद्र बनाए गये हैं। नकलविहिन परीक्षा कराने के लिए सभी स्तर पर तैयारियां कराई जा रही है। कंट्रोल रुम स्थापित होने की बात हो या सीसीटीवी लगाने की। इसके लिए सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिये गये हैं। बोर्ड परीक्षा शुरु होने से पहले सभी स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली जाए। उन्होंने बताया कि केंद्र पर्यवेक्षकों परीक्षा की गोपनीयता के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।