आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भाजपा, विहिप जैसे 50 से अधिक संघ से जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों को आपस में मिलकर रहने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि यदि एकजुटता नहीं होगी तो संघ का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा।
यह भी कहा कि एक दूसरे के कार्यक्रमों में हिस्सा लो और आपस में मेलजोल बढ़ाओ। संघ प्रमुख ने सोमवार को संगठनों के पदाधिकारियों के साथ चार घंटे तक बैठक की। पूर्वी क्षेत्र की इस बैठक में उन्होंने सभी से उनके कार्यों का ब्योरा भी मांगा।
बिठूर के महाराणा प्रताप तकनीकी संस्थान परिसर में सुबह शुरू हुई बैठक में संगठनों में चले रहे क्रियाकलापों की जानकारी ली गई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल से सरसंघचालक ने पूछा कि अभी तक कितने लोगों को जोड़ा गया है। फिर पूछा कि जिस उद्देश्य को लेकर काम किया जा रहा है, वह पूरा हो रहा है कि नहीं। उन्होंने पार्टी के अंदर गुटबाजी जैसी शिकायतें को पार्टी के लिए सही नहीं बताया।
विहिप से पूछे गए कई सवाल
इसके बाद विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों से सरसंघचालक ने कई सवाल किए। कहा कि संघ का एक मात्र उद्देश्य हिंदू जागरण करना है जिससे राष्ट्र की अखंडता बनी रहे। विहिप की तरफ से बैठक में शामिल हुए प्रांत मंत्री अवध बिहारी, संगठन मंत्री जितेंद्र को परिषद की गतिविधियों को बढ़ाने और सामंजस्य बनाकर चलने को कहा।
ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क करने और अपने साथ जोड़े रहने की बात भी की। ‘सक्षम संगठन’ के पदाधिकारियों की संघ प्रमुख ने हौसला आफजाई की। यह नेत्रहीन लोगों का संगठन है जो संघ से जुड़ा है।
मिले हैं ये टिप्स
•एक दूसरे के कार्यक्रमों में हिस्सा लो, मेलजोल बढ़ाओ
•पूर्वी क्षेत्र की बैठक में पदाधिकारियों के कार्यों का ब्यौरा मांगा
बैठक में शिरकत करने वाले कुछ प्रमुख संगठन
विहिप, भाजपा, एबीवीपी, बजरंग दल, राष्ट्रीय सेविका समिति, राष्ट्रीय सिख संगत, भारतीय मजदूर संघ, हिंदू स्वयंसेवक संघ, हिंदू विद्यार्थी परिषद, स्वदेशी जागरण मंच, दुर्गावाहिनी, सेवाभारती, भारतीय किसान संघ, बालगोकुलम, विद्या भारती, भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम, सेवा भारती, सक्षम संगठन।