विधानसभा चुनाव से नौ महीने पहले हुए पंचायत चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिलने से पार्टी के विधायकों की जमीन हिल गई है। 403 में से 309 विधायक भाजपा के हैं, इनमें से अधिकांश विधायक ग्रामीण क्षेत्रों से निर्वाचित हैं।
पार्टी ने टिकट वितरण में बड़ी संख्या में विधायकों और सांसदों की सिफारिश पर टिकट दिए हैं। उसके बाद परिणाम भले ही किसान, कोरोना और कर्मचारियों की नाराजगी के मुद्दे के आधार पर अच्छे नहीं रहे हों, लेकिन इन परिणामों ने विधायकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।