बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा पर धर्म का चुनावी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दलितों के वोटों के स्वार्थ में निकाली गई धम्म चेतना यात्रा पूरी तरह विफल साबित हुई है।
मायावती ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में कानपुर में आयोजित यात्रा के समापन समारोह में दलित वर्ग के लोग शामिल नहीं हुए। इसमें ज्यादातर लोग बीजेपी व आरएसएस के थे जिन्हें नकली दलित बनाकर शामिल कराया गया।
इसके अलावा जिन बौद्ध भिक्षुओं को सम्मानित करने की बात की गई है, उनमें से भी ज्यादातर भाजपा व आरएसएस के नकली बौद्ध भिक्षु बने लोग थे। भाजपा प्रायोजित यह यात्रा अत्यंत ही विवादित रही। इसका जगह-जगह विरोध भी हुआ।
माया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दशहरा पर लखनऊ में रामलीला में शामिल होकर धर्म की आड़ में राजनीति करने की कोशिश की ताकि प्रदेश में पार्टी की खस्ताहाल स्थिति को सहारा दे सकें। भाजपा को स्वाभिमानी दलित नेतृत्व बहुत खटक रहा है। उन्हें गुलाम मानसिकता वाले दलित नेता चाहिए।