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यूपी में अटल के सपने को पूरा करेगी भाजपा

Thu, 19 Nov 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक चुनाव के सहारे अटल बिहारी वाजपेयी के एक दशक से भी पुराने सपने को साकार करने की योजना बनाई है। पार्टी ने वाजपेयी की इच्छा के मुताबिक, संगठन में हर स्तर पर आधी आबादी (महिलाओं) की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का फार्मूला तय किया है।
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साथ ही, महिलाओं का कोटा पूरा करना ही होगा और अगर उनकी भागीदारी पूरी नहीं हो पाती है तो वे स्थान रिक्त रखे जाएंगे। बाद में, सक्रिय सदस्य बनाकर उनकी भागीदारी दुरुस्त की जाएगी। इसके बगैर संबंधित इकाई को पूर्ण नहीं माना जाएगा।

वाजपेयी ने सरकार में आने के बाद राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया था। साथ ही, संगठन से इसकी शुरुआत करने का आग्रह किया था। कहा था कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाए बगैर व्यवस्था परिवर्तन की बात पर अमल काफी मुश्किल है।
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इस दिशा में संसद में कानून बनाने की भी कोशिश हो चुकी है। पर, यह काम पूरा नहीं हो पाया। भाजपा ने अब इसे संगठन में शत-प्रतिशत लागू करने का फैसला किया है। साथ ही, जिलों के लोगों को भी इस सिलसिले में अलग से हिदायत दी गई है।

इस तरह मिलेगा प्रतिनिधित्व

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए संविधान में बदलाव किया गया है। संशोधन के बाद मंडल समिति (सामान्यत: ब्लाक स्तर की कमेटी) में अध्यक्ष के अलावा 60 सदस्यों की अनिवार्यता कर दी गई है। इनमें कम से कम 20 महिलाएं रखनी होंगी।

मंडल समितियों में 16 पदाधिकारियों में भी कम से कम पांच महिलाओं को पदाधिकारी बनाना होगा। मंडल समिति में अध्यक्ष के अलावा 6 उपाध्यक्ष, दो महामंत्री, 6 मंत्री और  एक कोषाध्यक्ष अर्थात अध्यक्ष को छोड़कर 15 पदाधिकारी होंगे। इनमें 5 पदाधिकारी महिलाओं को बनाना होगा।

जिलों से लेकर प्रदेश कमेटियों की व्यवस्था
जिला समितियों की कार्यसमिति में अध्यक्ष के अलावा 90 सदस्य होंगे। इसमें कम से कम 30 महिलाओं को रखना होगा। जिला कार्यसमितियों में अध्यक्ष को छोड़कर 8 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 1 कोषाध्यक्ष व 8 मंत्री अर्थात 21 पदाधिकारी बनाए जाएंगे। इनमें भी कम से कम 7 महिलाओं को भागीदारी देने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश कार्यसमिति में अध्यक्ष को छोड़कर 105 सदस्य होंगे। इनमें कम से कम 35 महिलाएं सदस्य रखनी होंगी।

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कम से कम नौ पदाधिकारी होंगी महिलाएं

पदाधिकारियों में दस उपाध्यक्ष, चार महामंत्री, एक महामंत्री (संगठन), 10 मंत्री और एक कोषाध्यक्ष अर्थात अध्यक्ष सहित 27 पदाधिकारी होंगे। इनमें कम से कम नौ पदाधिकारी महिलाएं होंगी।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक के अनुसार, भाजपा ही एकमात्र ऐसा दल है जिसने हर स्तर पर महिलाओं को कम से कम 33 प्रतिशत भागीदारी देने का संकल्प लिया था।

पर, विपक्ष की हीलाहवाली के चलते इस पर अभी तक कानून नहीं बन पाया। पार्टी ने तय किया है कि वह तो संगठन में पूरी तरह से महिलाओं की भागीदारी लागू करेगी।
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