प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अगले साल बिजली दरों में इजाफा नहीं होगा। हालांकि, पावर कॉर्पोरेशन ने सभी श्रेणियों की दरों में औसतन 10 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव तैयार कराया है, पर सरकार ने बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में पावर कॉर्पोरेशन अन्य विकल्प तलाशने में जुट गया है।
पावर कॉर्पोरेशन राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष दाखिल किए जाने वाले वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटा है। टैरिफ प्रस्ताव दाखिल करने के बारे में फैसला बाद में होगा।
पावर कॉर्पोरेशन को राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष वर्ष 2016-17 के लिए एआरआर और टैरिफ प्रस्ताव 30 नवंबर तक दाखिल करना है। कॉर्पोरेशन ने अगले साल के लिए 50 हजार करोड़ से ज्यादा का एआरआर तैयार कराया।
इसमें ग्रामीण एवं कृषि उपभोक्ताओं को रियायती बिजली के एवज में शासन की ओर से मिलने वाली लगभग 5500 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी शामिल की गई है।
अगले साल के एआरआर में करीब 7000 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान है। लिहाजा वित्तीय पुनर्गठन योजना की शर्तों के अनुसार पावर कॉर्पोरेशन ने सभी श्रेणियों में औसतन 10 फीसदी की बढ़ोतरी प्रस्तावित की।