सुमित्रा का कहना है कि मोगलहा गांव के अलावा एक मकान कोतवाली देहात अंतर्गत कटी तिराहा पर स्थित है। मकान पर रही पवन की पत्नी ने फोन कर पति के देर रात तक न पहुंचने की सूचना दी। तब खोजबीन शुरू हुई। देर रात पवन का शव रानीपुरवा नहर के निकट मिला। उनकी स्कूटी खड्ड में पड़ी थी। शरीर पर चोटों के निशान थे। जिससे लग रहा है कि पीटकर हत्या की गई है।
मां सुमित्रा ने कहा कि पवन के पास दुकान की बिक्री के पैसे भी थे। जिसे हत्यारोपियों ने लूट लिया। रात में ही घटना की सूचना रानीपुर थाने पर दी गई। मौके पर थानाध्यक्ष शशिभूषण पांडेय पहुंचे। लेकिन वह हत्या को दुर्घटना बताने में अड़े हुए थे।
इस पर गुस्सा गांव के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। मामले को तूल पकड़ता देख आनन-फानन में पुलिस ने मां सुमित्रा की तहरीर में नामजद रामकुमार सिंह, अशोक सिंह और मेराज अली के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र सिंह ने फोरेंसिक टीम के साथ मंगलवार शाम को घटनास्थल का मुआयना किया। एएसपी ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका बयान दर्ज किया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शीघ्र ही भाजपा नेता की हत्या के मामले से पर्दा उठाया जाएगा। इस मामले में तीन टीमें गठित की गई हैं।
पिछले वर्ष हुई थी पिता की मौत
पवन जायसवाल के पिता की मौत वर्ष 2017 में हुई थी। इसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी पवन के कंधे पर आ गई थी। वह दिन में मोगलहा गांव में स्थित जनरल स्टोर की दुकान और आटा चक्की पर काम करता था। जबकि शाम को कोतवाली देहात अंतर्गत कटी तिराहे पर स्थित मकान पर परिवार के पास पहुंचता था। उसकी मौत के बाद परिवार के लोग बेबस हो गए हैं।
मां सुमित्रा की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। घर में मां के अलावा पवन जायसवाल का पुत्र गौरव (14), मयंक (5), पुत्री गरिमा (17) व पत्नी हैं। सभी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे।