उपचुनाव के नतीजों को लेकर पार्टी के रणनीतिकार किस कदर गंभीर हैं, इसका अनुमान भाजपा की तैयारियों से लगाया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, दोनों ही स्थानों पर बूथ स्तर तक काम करने वाले कार्यकर्ताओं को बैठक में बुलाया गया है। सुबह से शाम तक चलने वाली इन बैठकों में दोनों महामंत्री अलग-अलग चक्रों में कई समूहों से बात करेंगे।
पार्टी ने चुनावी तैयारियों पर जमीनी नजर रखने के लिए दोनों ही स्थानों पर मंडल और क्षेत्रों के प्रभारी तय किए हैं। इसके अलावा पार्टी के विस्तारक, बूथ प्रवासी कार्यकर्ता पहले से ही काम कर रहे हैं। इन सबको भी बैठकों में बुलाया गया है। दोनों ही सीटों पर आसपास के पार्टी सांसदों और विधायकों को भी लगाने की तैयारी है। ये अपने-अपने स्तर पर मोर्चा संभालेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस तरह भी हो रही कोशिश
जातीय समीकरण साधने को भाजपा ने पिछले दिनों पश्चिमी यूपी से ठाकुर विजयपाल सिंह तोमर व कांता कर्दम को राज्यसभा और महामंत्री अशोक कटारिया को विधान परिषद भेजकर दोनों ही सीटों पर राजपूत, दलित व गुर्जर समाज को लुभाने का प्रयास किया है।
जाटों की लामबंदी के लिए डॉ. सत्यपाल सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष डॉ. संजीव बालियान को भी लगाने की तैयारी है। कैराना में परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के अलावा मंत्री सुरेश राणा व धर्मसिंह सैनी को भेजा गया है। नूरपुर सीट पर पंचायतीराज मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा संगठन के भी कई पदाधिकारी लगाए गए हैं।