उनके कोई प्रपौत्र नहीं है। लखनऊ पुलिस ने मेरे मान - सम्मान के साथ खिलवाड़ किया है। मैंने लखनऊ पुलिस से कहा है कि वह पकड़े गए आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करे कि आखिर किस साजिश के तहत मेरा नाम घसीटा गया।
सम्मानजनक जिंदगी जीने की कोशिश करने वाले को इतने घटिया अपराध से जोड़कर पुलिस क्या साबित करना चाहती है। मेरा एक नाती है जिसका नाम अजय सिंह है, लेकिन पुलिस ने जिसे पकड़ा है उसका अता -पता क्यों नहीं मालूम किया। इस मामले को मैं अदालत ले जाऊंगा और पुलिस अधिकारियों की साजिश को बेनकाब करूं गा।