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विपक्ष के चक्रव्यूह में फंसी भाजपा की हैट्रिक : भाजपा के संगीत सोम को सपा से मिल रही कड़ी चुनौती

Mon, 31 Jan 2022 04:13 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ

सार

भाजपा के लिए मुफीद सरधना विधानसभा सीट पर इस बार दिलचस्प चुनावी जंग है। सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि भाजपा के फायरब्रांड विधायक संगीत सोम जीत की हैट्रिक लगाएंगे या फिर साइकिल पर सवार सपा के अतुल प्रधान बाजी मारेंगे।
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भाजपा विधायक संगीत सोम - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पहले कांग्रेस और अब भाजपा के लिए मुफीद सरधना विधानसभा सीट पर इस बार दिलचस्प चुनावी जंग है। सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि भाजपा के फायरब्रांड विधायक संगीत सोम जीत की हैट्रिक लगाएंगे या फिर साइकिल पर सवार सपा के अतुल प्रधान बाजी मारेंगे। ऐतिहासिक चर्च के लिए दुनिया में मशहूर सरधना में यह भी देखने वाला होगा कि बसपा के हाथी की चाल कैसी रहती है और कांग्रेस के हाथ को कितना साथ मिलता है। बसपा ने यहां से संजीव धामा को, तो कांग्रेस ने रिहानुद्दीन को मैदान में उतारा है।

सरधना विधानसभा सीट पर आजादी के बाद से लगातार छह बार कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव जीते। भाजपा ने भी इस सीट पर छह बार जीत हासिल की है। लगातार दो बार से भाजपा के ही संगीत सोम चुनाव जीत रहे हैं। वर्ष 1952 में इस सीट पर पहली बार कांग्रेस से फतेह सिंह राणा विधायक बने। 1957 में रामजीलाल कांग्रेस से चुनाव जीते। 1962 में भी रामजीलाल कांग्रेस से दूसरी बार विधायक बने। 1967 और 1971 में भी कांग्रेस प्रत्याशी जमादार सिंह विधायक बने। 1974 में बीकेडी से नजीर अहमद और 1977 में ठाकुर बलवीर सिंह जनता पार्टी से विधायक बने। सपा एक बार भी इस सीट पर नहीं जीत पाई। बसपा, कांग्रेस, रालोद और जनता दल यहां एक-एक बार जीत हासिल कर चुके हैं।

मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपों से चर्चा में आए संगीत सोम को इस बर सपा के अतुल प्रधान से कड़ी चुनौती मिल रही है। संगीत सोम के हिंदूवादी तेवरों के चलते भाजपा को चुनाव में ध्रुवीकरण की उम्मीद है। अतुल पिछले दो चुनावों में इसी सीट पर सपा प्रत्याशी के रूप में दूसरे नंबर पर रहे थे। इस बार वह सपा-रालोद गठबंधन से चुनाव लड़ रहे हैं। इससे गठबंधन की ताकत मं इजाफा हुआ है। 

बहरहाल, सलावा गांव के चरणजीत दावा करते हैं कि इस बार भी संगीत सोम ही जीतेंगे। कपसाड़ के मनोज कुमार और रार्धना के विवेक सिंह को भी लगता है कि भाजपा की हैट्रिक लगेगी। वहीं, चरला के जोगेश, नंगली आजड़ के कपिल और रसलपुर के नदीम का कहना कि इस बार अतुल प्रधान जीतेंगे और प्रदेश में सरकार भी सपा की ही बनेगी। इन सबके विपरीत भगवानपुर के जोनी, कनौडा की सुनीता कुमारी और अझौता के दीपक कुमार मानते हैं कि इस बार मुकाबला त्रिकोणीय है। इस त्रिकोणात्मक चुनाव में बसपा के संजीव धामा जीतेंगे।

मुस्लिम मतदाता सर्वाधिक, ठाकुर चौबीसी का भी प्रभाव

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सरधना विधानसभा सीट पर मुस्लिम मतदाता सबसे ज्यादा हैं। साथ ही ठाकुर चौबीसी का भी बड़ा प्रभाव है। इसके अलावा जाटव, जाट, गुर्जर और सैनी मतदाता भी किसी प्रत्याशी को हराने और जिताने का दम रखते हैं। साल 2013 में मुजफ्फरनगर दंगे के बाद सरधना काफी सुर्खियों में रहा था।

चहुंमुखी विकास हुआ
मेरे कार्यकाल में इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है। गुंडागर्दी खत्म हुई है। क्षेत्र के हर इलाके में बुनियादी ढांचे पर काम हुआ है। सबका साथ, सबका विकास हुआ है। -संगीत सोम, विधायक भाजपा 

अपराध बढ़ा, सौहार्द बिगड़ा

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क्षेत्र का कोई विकास नहीं हुआ है। अपराध बढ़ा है और सौहार्द बिगड़ा है। चिकित्सा सुविधा पर कोई काम नहीं हुआ। सड़कें खराब हैं। दावे ज्यादा हैं, धरातल पर कुछ नहीं है। -अतुल प्रधान, सपा प्रत्याशी

2017 का चुनाव परिणाम

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संगीत सोम, भाजपा 97,921
अतुल प्रधान, सपा 76,296
हाफिज इमरान याकूब, बसपा 57,239
वकील चौधरी, रालोद  3,920

 

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