भाजपा ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों में उत्तर प्रदेश की भागीदारी बढ़ाकर और प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा महेन्द्र सिंह को राष्ट्रीय सचिव घोषित कर उत्तर प्रदेश के एजेंडे पर और आगे बढ़ने का संकेत दिया है।
साथ ही यूपी से जुड़े राष्ट्रीय पदाधिकारियों से मिशन 2017 को ध्यान में रखकर जमीन पर पार्टी को मजबूत बनाने में जुटने की अपेक्षा की है। पूरे पुनर्गठन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का ही प्रभाव दिख रहा है।
जिन दो राष्ट्रीय मंत्रियों अरुण सिंह और डॉ. अनिल जैन को तरक्की देकर महामंत्री बनाया गया है। उन्हें राजनाथ सिंह के खेमे का ही माना जाता है। साथ ही ये लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक के भी प्रिय रहे हैं। ओम माथुर न सिर्फ संघ के बल्कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रिय व विश्वासपात्र माने जाते हैं। राजनाथ सिंह से भी उनके रिश्ते मित्रवत ही रहे हैं।
जहां तक महेन्द्र सिंह की बात है तो वे भी राजनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नजदीक माने जाते हैं। ओम माथुर वैसे तो राजस्थान के रहने वाले हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश में 2017 के मिशन में जुटा रखा है।
जाहिर है कि माथुर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर पार्टी हाईकमान ने उत्तर प्रदेश के भाजपाइयों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि यूपी में माथुर का फैसला ही अंतिम होगा। इसलिए सभी लोगों को माथुर के पीछे एकजुट होकर काम करना है।