लखनऊ में आयोजित सम्मेलनों में संबंधित जाति के भाजपा के सांगठनिक जिलों से पांच-पांच प्रतिनिधि बुलाए जाने हैं। भाजपा ने संगठन के कामकाज के लिहाज से प्रदेश को 92 जिला और महानगरों में बांट रखा है।
साफ है कि हर सम्मेलन में उस जाति के औसतन 400 लोगों की जुटान लखनऊ में होगी। सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस समाज के लिए किए गए काम बताएंगे।
इसके अलावा आगे की योजनाओं की जानकारी देंगे। पिछड़ों में प्रभावी संदेश देने के लिए उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य को इन सम्मेलनों का प्रभारी बनाया गया है। संगठन की तरफ से प्रदेश के पूर्व उपाध्यक्ष बाबूराम निषाद को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रत्येक समाज के सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले प्रतिनिधियों का जिलों में भी एक समूह बनेगा। यही समूह चुनाव के दौरान अपने-अपने समाज को भाजपा के साथ लाने का काम करेगा।
यहां हिस्सा लेने वाले हर समाज के प्रतिनिधि लोकसभा व विधानसभा क्षेत्रों में अपने-अपने समाज के सम्मेलन करेंगे। इनमें उस वर्ग और पिछड़ों के लिए किए गए काम बताकर लोगों को लामबंद किया जाएगा। मेरठ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के बाद 14 अगस्त से सम्मेलनों का सिलसिला फिर शुरू हो जाएगा। बढ़ई, विश्वकर्मा, तेली, तमोली, मौर्य, शाक्य, कुशवाहा, कोइरी, लोहार, यादव, पाल, गड़रिया, जाट, गूजर, धोबी, दर्जी व लोध सहित अन्य जातियों के भी सम्मेलन होंगे।