भाजपा ने विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों के साथ ही विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर अभी से नजरें टिका दी हैं।
इसके लिए ढांचा दुरुस्त करने और लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में पार्टी से जुड़े लोगों को स्थायी तौर पर जोड़कर रखने की रणनीति बनाई गई है।
बुधवार को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में विधानसभा की 12 सीटों और लोकसभा की एक सीट के उपचुनाव के साथ ही विधानसभा 2017 के चुनाव की भी तैयारी शुरू करने का फैसला किया गया।
तय हुआ कि आंदोलन के साथ-साथ पार्टी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर भी फोकस करे। पार्टी से दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों, युवाओं और महिलाओं को जोड़ा जाए।
सांसद और विधायक सभी को प्रशिक्षण
कहा गया कि केंद्र में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने और सरकार बन जाने के बाद पार्टी के लोगों पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। केंद्र में सत्ता में होने और प्रदेश में विपक्ष में होने के कारण पार्टी के लोगों की दोहरी भूमिका हो गई है।
एक तरफ, केंद्र के फैसलों व उपलब्धियों को जनता के बीच पहुंचाना है। उनका जनता को लाभ दिलाना है तो दूसरी तरफ प्रदेश सरकार के खिलाफ संघर्ष भी करना है। इसके लिए सभी को प्रशिक्षित करना जरूरी है।
इसके तहत छह समूहों में प्रशिक्षण देने की योजना बनी। पहले प्रदेश पदाधिकारियों का प्रशिक्षण होगा। फिर क्षेत्र, उसके बाद जिला और इसके पश्चात सांसद, महापौर, विधायक प्रशिक्षित किए जाएंगे।
फिर मोर्चा के सभी पदाधिकारियों तथा प्रकोष्ठों के संयोजकों व सहसंयोजकों का प्रशिक्षण होगा। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर शिविर लगेंगे। सभी शिविर तीन महीने के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे।
शुरू होगा विशेष सदस्यता अभियान
अगस्त में सभी क्षेत्रों में पदाधिकारियों की बैठक करने और प्रकोष्ठों को सक्रिय करने के लिए उन्हें समूह का रूप देने की योजना बनी। तय हुआ कि पार्टी के 48 प्रकोष्ठों को सेवा, गंगा, जनसमस्या जैसे नौ समूह में बांटकर उनसे काम लिया जाए।
मोर्चों को भी सक्रिय करने की योजना बनी। दलितों, पिछड़ों, युवाओं और महिलाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए अगस्त के अंतिम सप्ताह से विशेष सदस्यता अभियान चलाने का फैसला किया गया है।
गन्ना उपायुक्त कार्यालयों पर प्रदर्शन: भाजपा ने गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भी आंदोलन का फैसला किया है। पहले चरण में पार्टी कार्यकर्ता 28 जुलाई को गन्ना उपायुक्त कार्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। साथ ही उपायुक्तों के कार्यालय में तालाबंदी करेंगे।
2014 के नतीजों को दोहराने का संकल्प
बैठक में पदाधिकारियों ने लोकसभा चुनाव नतीजों 2014 को 2017 में दोहराने का संकल्प लिया।
इसके लिए अभी से तैयारी करने का फैसला किया गया। साथ ही प्रदेश में निकट भविष्य में होने वाले विधानसभा की 12 और लोकसभा की एक सीट मैनपुरी पर उपचुनाव के लिए पार्टी पदाधिकारियों को बतौर प्रभारी बनाने के साथ एक-एक पूर्णकालिक कार्यकर्ता लगाने का फैसला किया गया।