भाजपा सांसद विनय कटियार के राम मंदिर पर दिए गए बयान पर राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में प्रमुख पक्षकार 95 वर्षीय मुद्दई मो. हाशिम अंसारी ने कहा कि वह जानते हैं कि विनय कटियार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने लोकसभा में विधेयक लाने का फॉर्मूला लेकर नहीं जा सकते।
मोदी के कान में यह बात पहुंचेगी तो कटियार दूध की मक्खी की तरह निकाल दिए जाएंगे। अच्छा होगा कि राजनीतिक फायदे के लिए वे इस तरह का बयान देने के बजाय वह कोई दूसरा मुद्दा तलाशें। कटियार को बताना चाहिए कि वह अदालत की मानेंगे या सड़क पर गुंडागर्दी करेंगे।
बजरंग दल वाले खून-खराबा करते रहते हैं : विवादित भूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा के राज्यसभा सदस्य व बजरंग दल के संस्थापक संयोजक विनय कटियार की ओर से आए बयान पर हाशिम बेहद तल्ख दिखे।
उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए लोकसभा से भूमि अधिग्रहण विधेयक की तरह राममंदिर निर्माण का विधेयक पारित करने की कटियार की मांग को खारिज कर दिया। कहा, यह बजरंग दल वाले हैं, मंदिर के नाम पर खून-खराबा करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मस्जिद हमारी थी हमारी ही रहेगी।
मोदी सरकार में नहीं गल रही रही दाल
हाशिम ने कहा कि अब मोदी सरकार में इनकी दाल नहीं गल रही है, तो भड़काऊ धंधा शुरू कर रहे हैं। विनय कटियार को बात करनी है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करें।
रही बात कानून बनाने की तो, कानून आजादी के पहले ही बन चुका है कि धार्मिक स्थानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। दावा मुस्लिम पक्ष ने नहीं किया है। मूर्ति रखने के बाद दावा गोपाल सिंह विशारद ने किया था। हमारी अपील है कि इस मसले को शांति से हल किया जाए। विनय कटियार राजनीति के फायदे के लिए और कोई मुद्दा तलाशें। इन्हीं के कारण रामलला जेल में सड़ रहे हैं।
मुसलमान भिखारी नहीं: मुसलमानों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के सवाल पर हाशिम ने कहा कि देश में 25 करोड़ मुस्लिम हैं, भिखारी नहीं। हम सरकार बनाते और बिगाड़ते हैं।
मस्जिद हमारी थी, और हमारी ही रहेगी। केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से जल्द फैसले के लिए सुनवाई करने का प्रबंध करना चाहिए। किसी में हिम्मत नहीं है कि कानून बनाकर कुछ छीन सके। अदालत का फैसला जो भी होगा मंजूर है। कटियार भड़काऊ राजनीति की कोशिश से बाज आएं।
यह कहा था विनय कटियार ने
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भले ही राम मंदिर निर्माण मुद्दे पर दो तिहाई बहुमत या लोकसभा में बहुमत की मजबूरी जता रहे हों, पर पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद विनय इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि लोकसभा में तो बहुमत है।
राममंदिर निर्माण का कानून बनाने के लिए लोकसभा में विधेयक लाकर उसे पारित कराएं। राज्यसभा में बाद में देखा जाएगा।
उन्होंने बुधवार को यहां कहा कि सबका साथ व सबका विकास पर कोई आपत्ति नहीं है, पर इस सरकार से राम मंदिर निर्माण पर भी सार्थक पहल की अपेक्षा भी समाज को है। दूसरा कोई भले न सोचे लेकिन भाजपा को तो कोठारी बंधुओं के बलिदान के बारे में भी सोचना ही चाहिए।
मुस्लिमों के बढ़े भरोसे का लाभ उठाएं मोदी
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अब तो देश के तमाम नामचीन मुस्लिम प्रतिनिधि भी मुलाकात कर रहे हैं। इमामों के संगठन के लोग भी मिल रहे हैं। लगता है कि इन लोगों का केंद्र सरकार पर भरोसा बढ़ा है।
मेरी समझ से प्रधानमंत्री को इस अवसर का लाभ उठाकर मुस्लिम नुमाइंदों से इस मुद्दे पर बातचीत करके समाधान तलाशने का प्रयास करना चाहिए। मिलने आ रहे नुमाइंदों के सहारे मुस्लिम समाज के अन्य लोगों को बुलाकर भी बात की जा सकती है।
पहले जैसी गलती न हो : कटियार ने कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि पहले जैसी गलती फिर हो। चुप्पी साधने के कारण ही ढांचा ढहा। चुप्पी साधने के कारण ही भाजपा को तमाम सवालों समस्याओं से जूझना पड़ा।
इसलिए मोदी जी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत वाली इस सरकार को इस मुद्दे पर विधेयक लाना चाहिए।’ लोकसभा में तो विधेयक पारित हो ही जाएगा।
जहां तक राज्यसभा में बहुमत न होने की बात है तो देश में कई बार दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुलाकर विधेयकों को पारित कराया गया है। इस मुद्दे पर भी ऐसा हो सकता है। अब सरकार को मंदिर निर्माण पर प्रतिबद्धता का संदेश देना चाहिए और जमीन पर काम भी शुरू करना चाहिए।
काश! अटल सरकार ने देर न की होती
बकौल कटियार अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रितत्व काल में इस मुद्दे के समाधान और राम मंदिर निर्माण की दिशा में नतीजे तक पहुंच गए थे, पर तब तक चुनाव आ गए। दूसरी बार भाजपा सरकार में नहीं आई।
काश! उस सरकार में बहुत देरी से पहल न होती तो शायद सरकार रहते समाधान निकल आता। इसलिए मौजूदा सरकार को अब इसमें बहुत देर नहीं करनी चाहिए।
क्यों नहीं निकल सकता हल: कटियार ने तर्क दिया कि जब नरसिंह राव की सरकार समाधान के करीब पहुंच सकती है। जब चंद्रशेखर के नेतृत्व वाली सरकार चार महीने में समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकती है। तब हमारी पूर्ण बहुमत वाली सरकार इस बारे में क्यों आगे नहीं बढ़ सकती।
मोदी के प्रधानमंत्रित्व काल में रास्ता नहीं तो भरोसा घटेगा
श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि विनय कटियार राम मंदिर आंदोलन से पहले से जुड़े रहे हैं। मंदिर निर्माण में उनकी निष्ठा है। उनका कहना सही है। लोगों को भाजपा सरकार से बड़ी उम्मीद है।
राम मंदिर निर्माण को लेकर नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री काल में यदि कोई रास्ता नहीं निकलता तो भाजपा पर भरोसा घटेगा। विनय कटियार का कहना सही है।
हाशिए पर होने के कारण ही तो बयान नहीं
पूरी स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो हाशिम की बात काफी हद तक सही लगती है। सरकार में तो उनकी भूमिका ही नहीं है। पार्टी में भी हाशिए पर चल रहे हैं।
इसलिए हो न हो चर्चा में आने और लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकृष्ट करने केलिए उन्होंने इस तरह का बयान दिया हो। वैसे भी उनकी पहचान राम मंदिर आंदोलन के कारण ही बनी थी। इसलिए शायद वह इस मुद्दे को धार देकर फिर अपनी सार्थकता साबित करना चाहते हैं।
जल्दी है तो सरकार से दिलाएं सुप्रीम कोर्ट में दरख्वास्त
उत्तर प्रदेश के अपर महाधिवक्ता व बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जीलानी का कहना है कि विनय कटियार को जल्दी है तो सरकार से सुप्रीम कोर्ट में दरख्वास्त दिलाएं, जिससे तेजी से सुनवाई हो और समाधान आए।
उन्होंने कहा कि कटियार का बयान भाजपा के मतदाताओं को उत्साहित करने के लिए है। केंद्र सरकार इस पर कोई एक्शन नहीं लेगी।
जीलानी ने कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह राज्यसभा में बहुमत न होने की बात कह चुके हैं। ऐसा लगता है कि इन दोनों की बात से फैली मायूसी को दूर करने के लिए कटियार ने यह बयान दिया।
सरकार पहले ही कह चुकी है कि वह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार करेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2002 में हाईकोर्ट में दरख्वास्त दिलवाकर इस मुद्दे पर सुनवाई तेज कराई थी, उसी तरह कटियार को केंद्र सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में दरख्वास्त दिलाना चाहिए।
मंदिर बनाने के लिए विपक्ष भी आए साथ
मामले पर महंत आदित्यनाथ का कहना है कि मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने के इतर विकल्प को अमली जामा पहनाना संभव नहीं है। कानून बनाने के लिए सरकार को ही नहीं, विपक्ष को भी सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। आखिर यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सवाल है।
वहीं, भाजपा प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा का कहना है कि पार्टी और सरकार मंदिर निर्माण के प्रति वचनबद्ध और प्रतिबद्ध है। अयोध्या में राम मंदिर तो बन चुका है। उसे अब भव्यता और दिव्यता प्रदान करने की जरूरत है। सरकार इस दिशा में पहल करेगी और इसका सकारात्मक नतीजा निकलेगा।
इसके अलावा भाजपा सांसद साक्षी महाराज का कहना है कि फिलहाल मंदिर निर्माण से ज्यादा जरूरी राष्ट्रनिर्माण है, जिसमें मोदी सरकार लगी हुई है। कानून के माध्यम से मंदिर तो तब बनेगा जब राज्यसभा में भी सरकार के पास बहुमत होगा।