होली के तुरंत बाद भाजपा भविष्य की चुनौतियों से मुक्ति के लिए चिंतन में जुट जाएगी। इसके लिए शनिवार से भाजपाई चित्रकूट में जुट रहे हैं।
दो दिन तक चलने वाले इस मनन-मंथन में सदस्यता अभियान के साथ निकट भविष्य में होने जा रहे पंचायत चुनाव और 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी का परचम फहराने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। साथ ही नेताओं के बीच खींचतान व अहं के टकराव को दूर करने की कोशिश होगी।
बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ ही विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना और विधान परिषद में पार्टी के नेता हृदयनारायण दीक्षित को भी बुलाया गया है। लंबे समय बाद पार्टी की किसी बैठक में इन लोगों को बुलाया गया है।
इसलिए बैठक को लेकर यह जिज्ञासा रहेगी कि गुटबाजी व खींचतान से उबर न पा रही भाजपा राम की धरती चित्रकूट पर नेताओं को बड़े मन व बड़े दिल से फैसले लेने को तैयार कर पाती है या नहीं।
चित्रकूट के बाद आगे होने वाली बैठकों में भाजपा का मौजूदा प्रदेश नेतृत्व सबको साथ लेकर सामूहिक फैसले की पुरानी परिपाटी को अपने कामकाज में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ता या नहीं।