फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BJP ने अटल को बनाया सियासत का 'सामान'

Sat, 05 Apr 2014 06:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा मोदी के नाम पर चुनाव लड़ रही है। नारों में भी भाजपा की जगह मोदी विराजमान हो गए हैं। लेकिन, लखनऊ में भाजपा ने अटल को ही सियासत का सामान बना रखा है।
विज्ञापन


देश में मोदी लहर का दावा करने वाली भाजपा ने 2009 में अटल की चिट्ठी का इस्तेमाल किया था, तो अब एक बार फिर उनके नाम पर वोट मांगना शुरू कर दिया है।

हाल ही में राजनाथ ने दावा किया कि अटलजी ने उन्हें अंगवस्त्र दिया है और दावा यह है कि अंगवस्त्र जीत का लाइसेंस है

राजनाथ तो लखनऊ से लौट गए दिल्ली की गद्दी संभालने के लिए, लेकिन अटल का अंगवस्त्र यहां अटल के उत्तराधिकारी रह चुके लालजी टंडन लिए घूम रहे हैं और भाजपा के लिए वोट मांग रहे हैं।

टंडन आशीर्वाद में लाए थे ‌अटल की चिट्ठी

बात 2009 के लोकसभा चुनाव की है। अटल की जगह उनके उत्तराधिकारी लालजी टंडन मैदान में थे। सामने था विजय अभियान और वोटर्स के बीच अटल का जादू जगाने की चुनौती।

भाजपा ने योजना बनाई या फिर टंडन ने अटल को मनाया। बीमारी में भी अटल ने लखनऊवासियों के नाम खत लिखा। इस खत में उन्होंने टंडन को जिताने की गुजारिश की।

वजह कुछ भी रही हो, लेकिन अटल की चिट्ठी काम कर गई। टंडन ने कड़े मुकाबले में कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी को हरा दिया।

इसके बाद, शायद भाजपा ने लखनऊ में जीत हासिल करने के लिए अटल के किसी सामान को जीत का मंत्र बना लिया।

अटल ने रिश्तों की दी थी दुहाई

लखनऊ लोकसभा सीट से 1991 से लगातार जीत हासिल करने वाले अटल की चिट्ठी को पार्टी मुख्यालय में टंडन की उपस्थिति में पढ़कर संवाददाताओं को सुनाया गया था।

चिट्ठी में अटल ने लखनऊ की जनता से अपने रिश्तों की दुहाई देते हुए कहा था कि आपने अभी तक मुझे समर्थन दिया लेकिन मैं अस्वस्‍थता के कारण अब चुनाव नहीं लड़ सकता इसलिए आप लालजी टंडन का समर्थन कर उन्हें विजयी बनाएं।

पत्र में भावुकता का पुट डालते हुए अटल ने लाल जी टंडन के राजनीतिक सफर का हवा‌ला देकर जनता से अपील की थी।

उस समय वहां मौजूद लाल जी टंडन ने इसे खुद के ‌लिए सौभाग्यशाली क्षण बताया था।

चिट्ठी भूले तो सामने आ गया कुर्ता

अटल की चिट्ठी के बाद 2012 के विधानसभा चुनाव में एक भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी का कुर्ता लेकर लोगों के बीच पहुंच गए। जनता से भाजपा को वोट करने की अपील करने लगे।

अटल की सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे अमित पुरी का टिकट टंडन के ‌बेटे गोपाल टंडन की चुनौती के बावजूद मिल गया। ऐसे में, जीत तो मुश्किल ही थी पर कुर्ता तो आ चुका था।

भाजपा का अंतर्विरोध था या कोई और वजह, अमित पुरी बुरी तरह हारे। चर्चा यह भी हुई कि अटल का गलत इस्तेमाल कर लखनऊ की जनता को सिर्फ वोट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

अब देखने वाली बात है कि क्या अटल जी का अंगवस्‍त्र भाजपा को चुनाव में कोई लाभ पहुंचा पाएगा या नहीं।
विज्ञापन

अटल का सिर्फ इस्तेमाल कर रही भाजपा?

भाजपा में अटलकाल के सभी दिग्गज नेता मुख्यधारा से बाहर हो चले हैं। जॉर्ज फर्नांडीज से लेकर जसवंत सिंह और आडवाणी से लेकर यशवंत सिन्हा तक ज्यादातर नेता हाशिये पर हैं।

कुछ अपनी मर्जी से तो कुछ पार्टी में राजनाथ की नई राजनीति के चलते। जसवंत सिंह का मामला किसी से छिपा नहीं है। लेकिन, लखनऊ में आते ही राजनाथ अटल के आदर्श की बात करते हैं।

राजनीतिक पंडित कहते हैं कि अगर बात अटल के आदर्श की है तो आडवाणी और जसवंत जैसे नेताओं को हाशिए पर ढकेलना कितना सही है?

इतना ही नहीं, पूरे देश में प्रचारित किया जा रहा है कि इस समय मोदी लहर है, अगर ऐसा है तो ‌फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुर‌िक्षत सीट की तलाश क्यों कर रहे हैं। ये सुर‌‌क्षित सीट की तलाश ही तो है, जिसने राजनाथ को लखनऊ पहुंचा दिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें