अयोध्या स्थित ढांचा ध्वंस मामले में आरोपी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के सोमवार को बयान दर्ज किए गए। इस दौरान कल्याण सिंह ने खुद पर लगाए गए आरोपों को नकारा और अपने बचाव में साक्ष्य देने की बात कही।
उधर, विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने 14 जुलाई को सुनवाई तय करते हुए शेष आरोपियों को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। कोर्ट में कल्याण ने कहा कि घटना के समय मुख्यमंत्री होने के चलते उन्होंने विवादित ढांचे की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे। समय-समय पर अधिकारियों को सुरक्षा के लिए निर्देश दिए थे।
इस मामले में तत्कालीन केंद्र सरकार के इशारे पर राजनीतिक विद्वेष के तहत झूठे और निराधार आरोप लगाकर उन्हें फंसाया गया। उन्होंने कहा कि वह निर्दोष हैं। इसके पहले सुनवाई के समय कल्याण सिंह और संतोष दुबे अपने वकील के साथ कोर्ट में मौजूद रहे।
कल्याण सिंह के वकीलों का वकालतनामा कोर्ट के सामने पेश किया गया, जबकि अन्य सभी आरोपी गैरहाजिर थे। उनके वकीलों ने हाजिरी माफी की अर्जी दी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।