भाजपा पहले भी सपा और बसपा के एमएलसी के इस्तीफा दिलाकर विधान परिषद में अपने वरिष्ठ नेताओं को सदस्य बना चुकी है। साथ ही इस्तीफा देने वाले सदस्यों का भी विधान परिषद या राज्यसभा में समायोजन हो चुका है। हो सकता है यहां इस्तीफे की नौबत ही न आए।
बताते चलें, इस तरह की खबरें बुधवार को पूरे दिन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रहीं, लेकिन बसपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।