अखिलेश ने भाजपा पर नफरत फैलाने और समाज को बांटकर राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा कि यह लोकतंत्र की स्वस्थ परंपराओं के खिलाफ है। सरकार की जिम्मेदारी है कि समाज में सभी के साथ बराबरी का व्यवहार होना चाहिए। जाति के आधार पर निर्णय करने से समाज में असंतोष बढ़ता है। सपा हमेशा सामाजिक न्याय की पक्षधर रही है। भाजपा को बस सत्ता की भूख है, जनता की भूख से उसका कुछ लेना-देना नहीं।