भाजपा ने संगठनात्मक बदलाव के लिए यूपी में प्रदेश निर्वाचन समिति का गठन कर दिया है। कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन को प्रदेश चुनाव अधिकारी बनाया गया है।
इसके अलावा त्रयंबक त्रिपाठी व वाय पी सिंह को प्रदेश सह चुनाव अधिकारी बनाया गया है।
भाजपा के संगठनात्मक चुनाव सदस्यता अभियान के बाद करवाए जाएंगे। पार्टी का सदस्यता अभियान 31 अगस्त तक चलेगा।
ये है संगठनात्मक चुनाव की वजह
भाजपा संविधान के मुताबिक, प्रत्येक तीन वर्ष पर 20 प्रतिशत नए सदस्य बनाकर संगठनात्मक चुनाव कराना जरूरी होता है। साथ ही सक्रिय सदस्यों को नए सिरे से सदस्यता लेनी होती है क्योंकि तीन वर्ष पर इनकी सदस्यता शून्य हो जाती है।
मतलब सभी सक्रिय सदस्य सिर्फ प्राथमिक सदस्य ही रह जाते हैं। नियमों के मुताबिक, पार्टी का पदाधिकारी उसे ही बनाया जा सकता है जो सक्रिय सदस्य है। इस वजह से भी सदस्यता अभियान जरूरी हो जाता है। ऐसा न होने पर पदाधिकारियों की नियुक्ति ही नियम विरुद्ध हो जाएगी। पार्टी का सदस्यता अभियान 2014-15 में चला था। इस लिहाज से तो 2018 में तीन साल पूरे चुके हैं। पर, लोकसभा चुनाव की चुनौतियों को देखते हुए पार्टी ने प्रस्ताव पारित कर सदस्यता अभियान और चुनावों को एक वर्ष आगे बढ़ा दिया था।