उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने कुछ दिनों पहले पर्यटन पुलिस का राग छेड़ा था। मथुरा में विदेशी पर्यटकों के साथ होली पर अभद्रता हुई। न तो भाजपा सरकार का कहीं एंटी रोमियों स्क्वाएड दिखता है और न ही पुलिस तंत्र। पुलिस को अब दूर से ‘नमस्ते‘ करने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
राजधानी में ही सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में एक छात्र की सिर कूच कर हत्या की गई तो पीजीआई इलाके में एक किशोरी से छेड़छाड़ की गई। रोकने पर परिवारवालों पर हमला हुआ।
अखिलेश ने कहा, राजधानी का ही हाल देखिए। इंदिरा नगर में एक दरोगाजी ड्यूटी छोड़कर एक डांसर से 21 बार ठुमके लगवाने का फर्ज अदा करते पाए गए। दरोगाओं के डांसरों के साथ मंच पर ठुमके लगाने और मनपसंद गाने बार-बार सुनने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
इस हालात में अपराध कैसे रुकेगा। यह बड़ा सवाल है। प्रदेश में बढ़ती अव्यवस्था मुख्यमंत्री को नहीं दिखाई देती है। वह अब भी अपराधियों को कड़े प्रवचन देने को ही अपना कर्तव्य समझ रहे हैं।