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Rajya Sabha Election: भाजपा ने घोषित किए छह उम्मीदवार, राधा मोहन दास अग्रवाल और लक्ष्मीकांत वाजपेयी को मिला टिकट

Mon, 30 May 2022 11:10 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए छह उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए सीट छोड़ने वाले राधा मोहनदास अग्रवाल को राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाया है।
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- फोटो : Twitter/@BJP4india
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विस्तार
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यूपी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए गोरखपुर शहर सीट छोड़ने वाले भाजपा के पूर्व विधायक राधामोहन दास अग्रवाल राज्यसभा जाएंगे। वहीं, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का छह साल का इंतजार भी आखिरकार समाप्त हो गया। भाजपा ने उन्हें भी राज्यसभा का टिकट दिया है। पार्टी ने रविवार को छह उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। इनमें दो महिलाएं हैं। पार्टी 11 में 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बाकी दो उम्मीदवारों की घोषणा सोमवार शाम तक हो सकती है।

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विधानसभा चुनाव में टिकट काटने के बाद पार्टी ने राधामोहन को राज्यसभा भेजने का आश्वासन दिया था। पार्टी ने वादा पूरा कर पूर्वांचल के वैश्य समाज को साधे रखने की कोशिश की है। उधर, सीएम योगी के राजनीतिक विरोधी शिवप्रताप शुक्ला का टिकट कट गया है। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री संगीता यादव व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दर्शना सिंह को भी उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर को दोबारा टिकट दिया गया है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के पूर्व भाजपा अध्यक्ष बाबूराम निषाद भी राज्यसभा जाएंगे।

शिवप्रताप का टिकट कटा, संजय सेठ, जफर इस्लाम पर लटकी तलवार
 भाजपा ने राज्यसभा सदस्य और पूर्वांचल के दिग्गज ब्राह्मण नेता शिवप्रताप शुक्ला का टिकट काट दिया है। शुक्ला की जगह पश्चिम से ब्राह्मण नेता के रूप में लक्ष्मीकांत बाजपेयी को टिकट दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम और सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य संजय सेठ पर भी तलवार लटक गई है। हालांकि भाजपा के दो उम्मीदवार घोषित होना बाकी हैं। ऐसे में किसकी लॉटरी लगेगी, इसको लेकर रहस्य गहरा गया है। निषाद समाज को साधने के लिए राज्यसभा सदस्य जय प्रकाश निषाद की जगह बाबूराम निषाद को उम्मीदवार घोषित किया है। बाबूराम कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के पूर्व भाजपा अध्यक्ष और पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष है।
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संगीता और दर्शना को भी टिकट
भाजपा ने आधी आबादी को साधने के लिए दो महिलाओं को टिकट दिया है। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री संगीता यादव को टिकट दिया है। संगीता चौरीचौरा की पूर्व विधायक हैं। विधानसभा चुनाव में उनका टिकट काटकर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे श्रवण निषाद को टिकट दिया गया था। पार्टी ने संगीता को अब राज्यसभा का टिकट दिया है। वहीं भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दर्शना सिंह को भी राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।

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नागर की फिर लगी लॉटरी

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर को दोबारा राज्यसभा का टिकट दिया गया है। नागर बतौर उपाध्यक्ष पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रहे, वहीं विधानसभा चुनाव में पश्चिमी यूपी में गुर्जर वोट बैंक को भाजपा के पक्ष में लामबंद करने में अहम भूमिका निभाई थी।

गोरखपुर से दो राज्यसभा उम्मीदवार
भाजपा ने गोरखपुर जिले से दो कार्यकर्ताओं को राज्यसभा का टिकट दिया है। राधामोहन दास अग्रवाल और संगीता यादव दोनों गोरखपुर के हैं। लोकसभा सदस्य रविकिशन सहित गोरखपुर में अब कुल तीन सांसद हो जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से ही विधायक हैं। ऐसे में अब यूपी से दिल्ली तक  भाजपा की राजनीति में गोरखपुर का दबदबा बढ़ेगा।

पिछड़ों पर फोकस बरकरार
राज्यसभा चुनाव में भी भाजपा ने पिछड़े वर्ग को साधने का प्रयास किया है। छह में से तीन टिकट पिछड़ी जाति के नेताओं को दिए है। वहीं परंपरागत ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य वर्ग को भी एक-एक सीट दी है। यादव समाज से संगीता यादव, निषाद समाज से बाबूराम निषाद और गुर्जर समाज से सुरेंद्र नागर को उम्मीदवार बनाया है। ब्राह्मण समाज से लक्ष्मीकांत वाजपेयी, वैश्य समाज से राधामोहन दास अग्रवाल और ठाकुर समाज से दर्शना सिंह को टिकट दिया है।

वाजपेयी का छह साल का इंतजार खत्म
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी अप्रैल 2016 में अध्यक्ष पद से हटाए गए थे। उसके बाद 2017 में वे मेरठ शहर सीट से विधानसभा चुनाव हार गए थे। 2017 के बाद से विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव के हर चुनाव में टिकट की दौड़ में वाजपेयी का नाम चला, लेकिन अंत में उन्हें मायूसी ही हाथ लगती थी। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें दूसरे दलों के नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की कमान सौंपी थी। वाजपेयी ने सपा के सात एमएलसी सहित बसपा और कांग्रेस के नेताओं को बड़ी संख्या में पार्टी में शामिल कराया था। अभियान की सफलता का सेहरा भी वाजपेयी के सिर बंधा। करीब छह वर्ष से अधिक समय के इंतजार के बाद पार्टी ने इस बार उन्हें राज्यसभा भेजा है। वाजपेयी को राज्यसभा का टिकट मिलने से पश्चिमी यूपी में पार्टी ने ब्राह्मण वोट बैंक को साधा गया है।
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