लंबी प्रतीक्षा व समीक्षा के बाद भाजपा ने विधानसभा की 10 और लोकसभा की मैनपुरी सीट के उपचुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। मैनपुरी में भाजपा ने प्रेम सिंह शाक्य को चुनावी मैदान में उतारा है।
सूची में कई समझौते प्रत्यक्ष रूप से दिख रहे हैं। नेता पुत्रों को टिकट न देने व परिवारवाद को बढ़ावा न देने के संकल्प के विपरीत वरिष्ठ नेता लालजी टंडन के पुत्र गोपाल टंडन को लखनऊ पूरब से उम्मीदवार बनाया गया है।
सूची में शामिल नामों से साबित हो जाता है कि प्रत्याशी तय करने में केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सुनी तो है लेकिन जिन नामों पर उनका बहुत ज्यादा जोर था उन्हें टिकट न देकर चेताया भी है। यही वजह रही कि उनकी टीम के कुछ पदाधिकारी तमाम कोशिशों के बावजूद टिकट नहीं पा सके।
इन लोगों को दिए गए टिकट
aलोकसभा की एकमात्र सीट मैनपुरी से प्रेम सिंह शाक्य को उम्मीदवार बनाया गया है। विधानसभा सीटों में सहारनपुर में राजीव गुंबर, बिजनौर से हेमेन्द्र पाल सिंह, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद) से राजपाल चौहान, नोएडा से विमला बाथम, निघासन (खीरी) से रामकुमार वर्मा, लखनऊ पूरब से गोपाल टंडन, हमीरपुर से जगदीश व्यास, चरखारी (महोबा) से गीता सिंह, सिराथू (कौशांबी) से संतोष पटेल, बहराइच की बलहा (सु.) से अक्षयवर लाल गौड़ को टिकट दिया गया है।
ज्यादातर कार्यकर्ता उम्मीदवार
उपचुनाव में ज्यादातर पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाया गया है। मैनपुरी से प्रत्याशी बनाए गए प्रेम सिंह शाक्य पहले भाजपा में ही थे। बीच में वह पार्टी छोड़ गए थे।
लोकसभा चुनाव से पहले ही वह पार्टी में लौटे। लखनऊ पूरब से उम्मीदवार बनाए गए आशुतोष उर्फ गोपाल टंडन वरिष्ठ नेता लालजी टंडन के पुत्र हैं।
वह विधानसभा चुनाव 2012 में लखनऊ उत्तर से उम्मीदवार थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। सहारनपुर से उम्मीदवार बनाए गए राजीव गुंबर वहां के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं।