भाजपा ने कांग्रेस-सपा सहित भाजपा विरोधी दलों पर देश की सुरक्षा की कीमत पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. सुधांशु दत्त त्रिवेदी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव, दिग्विजय सिंह और सलमान खुर्शीद जैसे भाजपा विरोधी नेताओं के चलते देश व प्रदेश में कट्टरवाद की जड़ें मजबूत हुई हैं।
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश भी यही कर रहे हैं। मुजफ्फरनगर से लेकर पटना तक वोट बैंक की इस खतरनाक राजनीति का अखाड़ा बन चुका है।
देश में पहली बार किसी हिंदी भाषी बड़े राज्य में देश के मुख्य प्रतिपक्षी दल के आयोजन पर इस तरह का हमला किया गया है। यह सामान्य मामला नहीं है। यह बिहार और केंद्र सरकार की लापरवाही नहीं, आपराधिक उदासीनता है।
पढ़ें-जमीन से शुरू की ‘जमीन’ की तलाश
इसकी जिम्मेदारी लेकर गंभीरता से कार्रवाई करने के बजाय बिहार और केंद्र सरकार घटिया राजनीति कर रही हैं। डा. त्रिवेदी मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा, एक ऐसे नेता की रैली में आतंकी विस्फोट हो जाए जिसे देश के प्रमुख विपक्षी दल ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर रखा है, जिस रैली में सिर्फ मोदी ही नहीं बल्कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी हों।
दो-दो नेता ऐसे हों जिन्हें जेड प्लस ही नहीं, एनएसजी की सुरक्षा प्राप्त हो। इसकी जांच होनी चाहिए। पर, केंद्र सरकार कह रही है कि उसने पटना रैली में विस्फोट के खतरे से बिहार सरकार को अवगत करा दिया था।
पढ़ें-आजम से उन्हीं के स्टाफ ने की बगावत
बिहार सरकार कह रही है कि उसे केंद्र ने कोई सूचना नहीं दी। यह बातें गैरजिम्मेदाराना हैं। इससे घटना की गंभीरता कम होती है। यह कहना गलत है कि सूचना नहीं थी।
जो इनपुट राहुल गांधी व दिग्विजय सिंह के पास हो सकता है, वह केंद्रीय गृहमंत्री और बिहार सरकार के पास नहीं था, यह गले से नीचे उतरने वाली बात नहीं है।
लखनऊ की और खबरों के लिए यहां आएं...