स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार के दलित, पिछड़े, किसान, बेरोजगार व नौजवान विरोधी रवैये के कारण उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। कहा कि एक राजनीतिक व्यक्ति होने के नाते किसी न किसी दल से बात करनी ही होगी। पर, कार्यकर्ताओं से बात करने के बाद ही किसी दल से बात करने का निर्णय करेंगे।
मौर्य ने बताया कि उन्होंने भाजपा सरकार व संगठन में उचित स्तर पर अपनी बात को रखी, लेकिन कोई परिणाम नहीं आया। उन्होंने सपा में जाने की संभावनाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि दो दिन बाद यह तय होगा कि कितने विधायक व मंत्री उनके साथ जाएंगे।
केशव को अपनी दुर्गति पर तरस आना चाहिए
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य को खुद की दुर्गति पर तरस आना चाहिए। पहले वह अपने को सम्मानित स्थिति में लाएं। केशव प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री है, उनके सलाहकार नहीं है।