पूर्वांचल में मतदान होने से पहले ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का पुतला जलाकर फिर से 'कास्ट कार्ड' खेला है।
इस तरह भाजपा ने फिर से पिछड़ा वर्ग से खुद से जोड़ने का प्रयास किया है। नरेंद्र मोदी को नीच कहे जाने के विरोध में रविवार को साहू युवा महासभा के कार्यकर्ताओं ने सोनिया गांधी का पुतला फूंका।
लखनऊ के विधान भवन के सामने महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप साहू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस विरोधी नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मोदी के बारे में की गई टिप्पणी अशोभनीय है। इससे घांची तेली जाति के लोग आहत हुए हैं।
यह था मामला
गौरतलब है कि अमेठी में प्रचार के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा था कि कुछ लोग 'नीच राजनीति' कर रहे हैं। उन्होने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्होने मेरे पिता का अपमान किया है।
इस पर मोदी ने प्रियंका के बयान को अपने लिए इस्तेमाल करते हुए कहा था कि मैं नीच जाति का जरूर हूं लेकिन मैं 'नीच राजनीति' नहीं करता।
अपने बयान से मोदी ने खुद को पिछड़ा वर्ग का हितैषी साबित करने का प्रयास किया था।
जिस पर कांग्रेस को सफाई तक देनी पड़ी। मोदी ने सिद्घार्थ नगर में की गई रैली में अपने 40 मिनट के भाषण में 30 मिनट पिछड़ी जाति के मुद्दे पर ही बोला।
ये था मोदी का मकसद
एनडीए को सत्ता में लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे नरेंद्र मोदी ने 'कास्ट कार्ड' खेलकर पिछड़ा वर्ग को खुद से जोड़ने का प्रयास किया।
यह ध्यान देने योग्य है कि यूपी के छठे चरण के चुनाव में पूर्वांचल में मतदान होगा। जिसमें पिछड़े वर्ग के वोट के निर्णायक साबित होने की बात की जा रही है। ऐसे में मोदी कोई न कोई मौका देखकर कांग्रेस पर हमला बोल रहे हैं।
हालांकि यह तो नहीं कहा जा सकता है कि मोदी अपने मकसद में कितना कामयाब रहेंगे लेकिन उन्होने माहौल को अपने पक्ष में बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।