प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बाद अब बर्ड फ्लू ने भी पांव पसार दिए हैं। अमेठी के शुकुल बाजार में 10 दिन पहले मरी करीब 300 मुर्गियों की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद सरकार ने सूबे में अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं अमेठी के पांच गांवों में तीन जिलों के पशु चिकित्सकों की टीम ने मुर्गियों का सर्वे शुरू कर दिया है।
एक-दो दिन में सर्वे पूरा होते ही अमेठी में हजारों मुर्गियों को मार दिया जाएगा।शुकुल बाजार क्षेत्र के पूरे सारी मजरे महोना पश्चिम, चांदगढ़ महोना पश्चिम, कलंदरगढ़ व ऊंचगांव में दो-तीन मार्च को करीब 300 मुर्गियों, कौओं समेत 50 बतखों की मौत हो गई थी।
भोपाल स्थित लैब में जांच रिपोर्ट में इनमें एवियन इंफ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) की पुष्टि हुई। केंद्र सरकार ने एक दिन पहले ही इसकी जानकारी प्रदेश सरकार को दी। इसके बाद 5 पशु चिकित्सकों की टीम ने शनिवार को पूरे सारी और कलंदरगढ़ गांव के बीच बेस कैंप बनाकर सर्वे शुरू कर दिया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अमेठी डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन में सर्वे पूरा कर लिया जाएगा।
बर्ड फ्लू से बचने के लिए मिले निर्देश
बर्ड फ्लू के लिए मुख्य सचिव ने कुछ खास निर्देश दिए हैं। नेपाल व बिहार से सटे प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिहाज से नदियों, तालाबों व बर्ड सेंचुरी पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जलाशयों के पास स्थित पोल्ट्री फार्मों पर विशेष साफ-सफाई कराने की साथ ही उन पर नजर रखी जाए। किसी राज्य से संक्रमित पोल्ट्री या पोल्ट्री प्रोडक्ट प्रवेश न कर पाएं। पक्षियों की अस्वाभाविक मौत पर तत्काल शासन को सूचित किया जाए।
मृत पक्षी को परीक्षण के लिए उच्च सुरक्षा पशुरोग प्रयोगशाला भोपाल व सीरम सैंपल डब्ल्यूआरडीडीएल पुणे भेजा जाएगा। बर्ड फ्लू को बढ़ने से रोकने के लिए डीएम, पशुपालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम बनाकर काम करें। जिलों में 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाए।
रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठित की जाए, जो प्रभावित पक्षियों के निस्तारण का काम करेगी। डीएम एक टास्क फोर्स का गठन कर हर महीने बर्ड फ्लू से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करें। पक्षी विहार व जहां प्रवासी पक्षी आते हैं वहां टास्क फोर्स को 15 दिन पर बैठक कर स्थिति की समीक्षा करें।