सपा सरकार को तीन साल पूरे हो चुके हैं। इन तीन साल में सरकार ने कई अच्छे फैसले लिए, तो कई ऐसे मौके आए जब अखिलेश सरकार कटघरे में खड़ा किया गया वो भी उनके अपनों की गलती से। यहां हैं कुछ ऐसे मामले जिनके चलते सपा सरकार विवादों में घिरी।
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बीते साल लखनऊ में हुए एक सम्मेलन में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा चुनाव में मिली हार का ठीकरा अखिलेश के लैपटॉप और नरेंद्र मोदी पर फोड़ा।
उन्होंने अखिलेश पर गुस्सा करते हुए कहा, लैपटॉप क्यों बांटते हो? इन लैपटॉप के माध्यम से नरेंद्र मोदी ने बड़ी ही चालाकी से अपने झूठे वादे घर-घर पहुंचा दिए।
उन्होंने कहा कि वे शुरू से ही लैपटॉप बांटे जाने के खिलाफ थे। मुलायम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर तीर चलाए।
उनकी व्यक्तिगत जिंदगी को भी निशाना बनाया। उन्होंने कहा था कि मोदी की चालाकी हम पर भारी पड़ गई।
लैपटॉप बांटे तो मोदी ने ऐसी चालाकी की कि हर जगह उनका भाषण आने लगा। सब लोग वही देखने लगे और उनको ही वोट दिया।
मुलायम का ये बयान सुर्खियों में रहा वहीं विपक्षी दलों ने उनका मजाक भी उड़ाया था।
‘घिनौने अपराध’ पर मुलायम का बेतुका बयान
बीते साल एक चुनावी रैली में मुलायम सिंह ने रेप पर विवादित बयान दे डाला जिस पर उनकी काफी आलोचना हुई।
रेप पर फांसी देने के विरोध में मुलायम सिंह ने कहा था कि लड़के हैं, उनसे गलतियां हो ही जाती हैं, ऐसे में उन्हें फांसी देना गलत है।
उन्होंने ये भी कहा कि लड़के-लड़कियां दोस्त रहते हैं फिर उनमें मतभेद हो जाता है तो लड़कियां जाकर बयान दे देती हैं कि उनका रेप हो गया। बेचारे लड़के को फांसी हो जाती है।
रेप जैसे घिनौने अपराध पर मुलायम सिंह के इस बयान पर वह विरोधियों के निशाने पर आ गए थे।
चाचा शिवपाल ने भी कराई किरकिरी
विवादित बयान देने के मामले में सीएम अखिलेश के चचा और कैबिनेट मंत्री शिवपाल भी पीछे नहीं रहे हैं।
बीते दिनों हिंदुओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवपाल ने कहा, भाजपा से जुड़े नेता चार-चार बच्चे पैदा करने की बात तो कहते घूम रहे हैं, लेकिन क्या साध्वी भी ऐसा करेंगी?
उनके इस बयान से जबरदस्त बवाल हुआ और शिवपाल विपक्षियों के निशाने पर आ गए और उन्हे तीखी आलोचना झेलनी पड़ी।
पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर शिवपाल के अपने विभाग के अफसरों से थोड़ी-थोड़ी चोरी करने की सलाह से अखिलेश को विरोधियों के तीर झेलने पड़े थे।
दरअसल वह अफसरों को मेहनत करने की नसीहत दे रहे थे और इसी दौरान उन्होंने कहा, मेहनत से काम करो, थोड़ी बहुत चोरी तो चल जाती है लेकिन डकैतों जैसी हरकतें न करें। उनके इस बयान पर वह सवालों के घेरे में आ गए थे।
‘पीके पायरेसी’ पर घिरे अखिलेश
बीते दिसंबर फिल्म पीके काफी विवादों में रही। फिल्म धर्म से जुड़े मामले के चलते विवादों में रही मगर यूपी के सीएम फिल्म को टैक्स फ्री करके विवादों में घिर गए।
विवादित फिल्म को टैक्स फ्री करने पर उन्हें राजनीतिक दलों की आलोचना तो झेलनी ही पड़ी मगर बड़ा विवाद फिल्म को लेकर उनके विवाद पर हुआ।
अखिलेश ने फिल्म को टैक्स फ्री करने के घोषणा के साथ एक इंटरव्यू में कहा, लोग मुझे कई दिनों से 'पीके' देखने के लिए कह रहे थे।
‘मैंने इसे कुछ दिन पहले डाउनलोड किया था पर कल रात ही देख पाया हूं। मुझे ये फिल्म बेहद पसंद आयी और मैंने तब ही इसे कर-मुक्त करने का फैसला कर लिया था ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें।’
ये बयान आते ही अखिलेश को डाउनलोड करके फिल्म देखने की वजह से पायरेसी के आरोप झेलने पड़े।
चचा आजम का ‘तालिबानी फंड’
यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम खां भी मुलायम सिंह के परिवार के सदस्य की तरह हैं। आजम अपने विवादित बयानों की वजह से आए दिन सुर्खियों में रहते हैं। बीते साल मुलायम सिंह के जन्मदिन पर उनके एक बयान ने सनसनी फैला दी थी।
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के 75वें जन्मदिन को उन्होंने इतनी धूमधाम से मनाया कि ऐतिहासिक बना दिया।
बात जब आलीशन जश्न की आई तो फंड पर सवाल भी उठा। सवाल आजम के सामने पहुंचा, तो उनकी जुबान तल्ख हो गई।
पत्रकारों के सवाल पर आजम उखड़ गए और बोले, 'इस जश्न का फंड तालिबान से आया है। कुछ पैसा अबु सलेम ने भेजा है, कुछ दाऊद ने और कुछ मरे हुए आतंकवादियों ने दिया है।'
उनके इस बयान से सपा सरकार की काफी किरकिरी हुई और मामले ने काफी तूल पकड़ लिया था।