उत्तर प्रदेश में आज तक किसी भी भर्ती परीक्षा में
इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग नहीं लिया है, जितने कि रविवार को
सिपाही भर्ती परीक्षा में लिया।
भर्ती परीक्षाओं के इतिहास में अब तक की यह सबसे बड़ी कवायद है, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों में चार हजार से अधिक केंद्र बनाए गए।
उसी लिहाज से सुरक्षा प्रबंध भी किए गए। इसके मद्देनजर सुरक्षा व यातायात प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए अलग से निर्देश दिए गए।
परीक्षा पुलिस विभाग में सिपाही के कुल 41,610 पदों के लिए हो रही है। पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ समेत सात जिले ऐसे हैं, जहां सौ से दो सौ तक परीक्षा केंद्र हैं। प्रदेश में सबसे अधिक केंद्र लखनऊ में (कुल 187 केंद्र) हैं। यहां सिर्फ लखनऊ विश्वविद्यालय में बने परीक्षा केंद्र में आठ से दस हजार अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे।
यह रही सुरक्षा व्यवस्था
अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने बताया कि इसके तहत सभी जिलों के पुलिस कप्तानों के साथ ही रेंज के डीआईजी व जोन के आईजी को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
एडीजी ने बताया कि रेंज व जोन के पास मौजूद पीएसी बल के अलावा डीजीपी रिजर्व से दस कंपनी पीएसी आवंटित की गई। इसे मिलाकर सूबे के विभिन्न जिलों में लगभग 40 कंपनी पीएसी बल की तैनाती की गई।
ट्रैफिक कंट्रोल पर खास ध्यान
रविवार की सुबह से ही यातायात व्यवस्था चौकस रखने की मशक्कत शुरू कर दी गई थी। इसके लिए यातायात निदेशालय के अधिकारियों के साथ ही जिलों के अधिकारियों को जरूरी इंतजाम करने को कहा गया था। एडीजी ने कहा कि जिन जिलों में अधिक सेंटर हैं वहां रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों व टैक्सी और ऑटो के स्टैंड पर सुरक्षा प्रबंध किए गए।