वर्ष--मरीज--मृत्यु
2011--38--0
2012--121--0
2013--32--0
2014--3--0
2015--1087--0
2016--46--0
2017--2192--14
2018--19--0
2019--545--5
(अब तक) (स्रोत : स्वास्थ्य विभाग )
स्वाइन फ्लू वाले टॉप 10 जिले
जिला--मरीज--मौत
1- लखनऊ--528--5
2- मेरठ--392--2
3- गाजियाबाद--332--0
4- आगरा--140--0
5- गौतमबुद्ध नगर--78--0
6- बरेली--57--2
7- हापुड़--51--0
8- कानपुर--42--0
9- मुजफ्फरनगर--39--3
10- बुलंदशहर--27--3
(पांच सितंबर तक का आंकड़ा)
क्वीन मेरी में चार दिन के अंदर पांच महिलाएं स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुकी हैं। इन्हें स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कराया गया है, जबकि सितंबर में छह महिलाएं स्वाइन फ्लू से ग्रसित पाई गई थीं। गर्भवती महिला के पति का आरोप है कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से उसकी पत्नी स्वाइन फ्लू की चपेट में आई है।
हरदोई के संडीला निवासी (28) साल की महिला साढे़ सात माह की गर्भवती है। उसे चार दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर क्वीन मेरी लाया गया। यहां दो दिन बाद उसमें स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए। जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। अस्पताल में एक से चार अक्तूबर के बीच पांच स्वाइन फ्लू के मरीज पाए गए, जबकि सितंबर में छह मरीज पाए गए थे। इस तरह दो माह के अंदर अकेले क्वीन मेरी में 11 महिलाएं स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गई हैं।
क्वीन मेरी की मीडिया प्रभारी डॉ. स्मृति अग्रवाल का कहना है कि क्वीन मेरी में विभिन्न जिलों से रेफर होकर महिलाएं आती हैं, जिनमें लक्षण पाए जाते हैं। उनकी जांच कराई जाती है। स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर उन्हें अलग वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। सितंबर में छह महिलाएं स्वाइन फ्लू से पीड़ित पाई गई थीं। सफाई व्यवस्था सही नहीं होने का आरोप गलत है।