भ्रष्टाचार में डूबे अफसरों की नई कारस्तानी सामने आई है। महिला कल्याण विभाग के इन अफसरों ने विधवाओं के लिए आने वाली पेंशन भी हड़प ली।
करीब दो लाख महिलाओं के नाम सूची में फर्जी तरीके से डालकर हर साल सरकारी खजाने को 72 करोड़ रुपये की चपत लगा रहे थे।
जब महिला कल्याण विभाग ने सभी जिलों के लाभार्थियों का सत्यापन कराया तो यह घपला सामने आया। करीब 17 लाख महिलाओं को दी जाने वाली विधवा पेंशन में दो लाख से अधिक महिलाओं के नाम व पते फर्जी पाए गए।
यह घपला तब सामने आया जब प्रदेश सरकार ने पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के जरिये पेंशन सीधे लाभर्थियों के खाते में भेजनी शुरू कर दी।
ऐसे में लाभार्थियों के डिटेल मैच न होने पर पीएफएमएस सॉफ्टवेयर ने ही बड़ी संख्या में मामले रिजेक्ट कर दिए। इनके नाम, पते, अकाउंट नंबर व आईएफएससी कोड गलत थे।