सपा नेता के डेंटल व मेडिकल कॉलेज पर मंगलवार को प्रशासन का बुलडोजर चला। सदर तहसील में कैरियर कान्वेंट एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टी के खिलाफ कार्रवाई में अवैध निर्माण ढहाकर 35 करोड़ की 4,514 वर्गमीटर जमीन कब्जा मुक्त कराई गई। कैरियर डेंटल व मेडिकल कॉलेज के एक ट्रस्टी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका गया।
एसडीएम सदर ने बताया कि हरदोई बाईपास पर इस कॉलेज की बाउंड्री के अंदर विकासनगर निवासी अजमत अली पुत्र महफूज अली ने सरकारी जमीन को कब्जा रखा था। अजमत अली का बेटा इकबाल अली सपा सरकार में स्टेट प्लानिंग कमीशन का सदस्य रह चुका है।
उसके रसूख के चलते जमीन से कब्जा नहीं हटाया जा सका। मंगलवार को डीएम के निर्देश पर बेदखली आदेश पारित कर कार्रवाई की गई। एसडीएम सदर ने बताया कि कॉलेज की बाउंड्री गेट एवं गेट के अंदर खड़ंजा भी अवैध तरीके से बनाया था। वहीं, नवीन परती, नाली की जमीन और चकमार्ग पर भी अवैध कब्जा मिला।
बाराबंकी से लेकर लखनऊ तक खेल
अपर जिलाधिकारी प्रशासन एपी सिंह की अगुवाई में राजस्व टीम ने पुलिस बल के साथ कार्रवाई की। कार्रवाई पूरी न हो पाने के कारण बुधवार को भी कब्जा हटाया जाएगा। कब्जे से मुक्त कराई जमीन की सर्किल रेट के मुताबिक कीमत 35 करोड़ बताई। इसे सुरक्षित बनाने के बाद आरोपियों पर कार्रवाई होगी।
कैरियर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के संचालन की आड़ में सरकारी जमीन कब्जाने का खेल पुराना है। लखनऊ और बाराबंकी में जमीन कब्जाने के मामले थानों में दर्ज है, पर कार्रवाई कागजों तक सिमटी रही।
‘यह अवैध निर्माण है, यहां निवेश न करें’
एलडीए ने अवैध कॉलोनियों पर नए अंदाज में कार्रवाई शुरू की है। मंगलवार को सुल्तानपुर रोड पर भूमि विकास हाउसिंग बिल्डर की तीन कॉलोनियों पर ‘यह अवैध निर्माण है, यहां निवेश न करें’ का लाल पेंट से संदेश लिखवा दिया। यह कार्रवाई वीसी शिवाकांत द्विवेदी के आदेश पर शुरू हुई है।
वीसी का कहना है कि कार्रवाई से पहले ही अवैध कॉलोनियों में भूखंड बेच दिए जाते हैं। ऐसे में फंसते आम खरीदार हैं। इसे देखते हुए कॉलोनियों के खिलाफ पहला नोटिस होते ही ‘यह अवैध निर्माण है’ लिख देने के आदेश किए हैं। मंगलवार को जोन-1 के अधिशासी अभियंता केके बंसला, अवर अभियंता नरेंद्र सिंह ने भूमि विकास हाउसिंग के नाम से काम कर रहे निदेशक बालमुकुंद सिंह की तीन कॉलोनियों के बाहर संदेश लिखवाया। ये कॉलोनियां क्रिकेट स्टेडियम के पास व आउटर रिंग रोड के सटे इलाकों में बसाई जा रही हैं।