सरकार ने आम आदमी की सवारी साइकिल को वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) मुक्त कर दिया है। अब साइकिल 500 रुपये तक सस्ती हो गई है। सरकार ने शनिवार से साइकिल से पांच फीसदी वैट खत्म कर दिया है। इससे प्रदेश के 10 हजार और राजधानी के 300 व्यापारियों को साइकिल कारोबार पर टैक्स चुकाना नहीं पड़ेगा। लेकिन साइकिल के दो स्पेयर पार्ट्स पर 14 फीसदी का टैक्स बरकरार है।
लखनऊ साइकिल मर्चेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन अरोड़ा एवं महामंत्री राजकुमार मेंहदीरत्ता ने बताया कि प्रमुख सचिव (कर निबंधन) वीरेश कुमार ने 26 सितंबर को साइकिल पर वैट खत्म करने का आदेश जारी किया है। इससे बच्चों की साइकिल जो 1500 रुपये तक बिकती है 75 रुपये सस्ती हो गई है।
सरकार के आदेश के बाद शनिवार से व्यापारियों ने साइकिल के दाम घटा दिए हैं। नेताद्वय ने कहा कि वैट खत्म होने से साइकिल के दाम भले ही कम हुए हों, लेकिन व्यापारियों को वाणिज्य कर विभाग के जंजाल से मुक्ति मिलना बहुत बड़ा काम हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार ने साइकिल के पंचर जोड़ने वाले सल्यूशन और उसके पैच पर से वैट नहीं हटाया, जिस पर 14 फीसदी वैट है।
अखिलेश ने की थी साइकिल की तारीफ
उपचुनाव के पहले यूपी सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले को सियासत से जोड़कर देखा जा रहा था। यह फैसला देने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा था कि देश सहित हमारे प्रदेश में आबादी का एक बड़ा हिस्सा साइकिल का इस्तेमाल अपने जरूरी काम काज के लिए करता है। इससे सूबे के लाखों लोगों को सीधे फायदा पहुंचेगा।
वहीं, अखिलेश सरकार ने लखनऊ, आगरा, नोएडा व ग्रेटर नोएडा को साइकिल फ्रेंडली सिटी के रूप में विकसित करने का फैसला किया था।
अखिलेश ने कहा था कि गरीब और कमजोर वर्गों के आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जाना बेहद जरूरी है। इसलिए, इन वर्गों के हितों के ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने साइकिल को घटाने का यह फैसला किया है।
इसके अलावा, यह सवारी पर्यावरण के नजरिए से भी अनुकूल है क्योंकि यह इकलौता वाहन है जिससे प्रदूषण नहीं होता। साथ ही साइकिल चलाने वाला शख्स सेहतमंद भी रहता है।
एक मकसद ये भी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अगस्त माह में नोएडा में विश्वस्तरीय ग्रीन पार्क के निर्माण को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी।
इसी बैठक में उन्होंने साइकिल फ्रेंडली सिटी के विकास को लेकर अपनी योजना का खुलासा किया था।
उन्होंने नोएडा व ग्रेटर नोएडा के कारखानों व अन्य संस्थानों में बड़ी संख्या में कार्यरत मजदूरों व विद्यार्थियों की उपस्थिति का हवाला देते हुए कहा था कि इस योजना सीधे इन्हें लाभ होगा।
अखिलेश ने यह भी बताया था कि सरकार ने तय किया है कि इन नगरों में अब जो भी विकास होंगे, साइकिल फ्रेंडली होंगे। इसके लिए इन शहरों में साइकिल ट्रैक, स्टैंड व शेल्टर की स्थापना की जाएगी। इतना ही नहीं यहां लोगों को किराए पर साइकिल मुहैया कराने की भी व्यवस्था होगी।
उन्होंने बताया था कि आगरा में नियमित रूप से बड़ी संख्या में देशी-विदेश पर्यटक आते हैं। विदेशी पर्यटक साइकिल के उपयोग को वरीयता देते हैं।