लखनऊ। केजीएमयू में सुविधाएं बढ़ने से आयुष्मान योजना के लाभार्थी पिछले छह माह में तीन गुना तेजी से बढ़े हैं। छह माह में इनकी औसत संख्या चार सौ थी, जो वर्तमान में 12 सौ मासिक पहुंच चुकी है।
आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को सरकारी और निजी अस्पतालों में सालाना पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज की सुविधा मिलती है। केंद्र सरकार इसकी प्रतिपूर्ति करती है। सरकारी संस्थानों में दौड़भाग से बचने के लिए लाभार्थी निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे थे। केजीएमयू में सुविधाएं बढ़ने से यहां लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है।
रोगी कल्याण दफ्तर खोला
केजीएमयू प्रशासन ने आयुष्मान और अन्य योजनाओं का लाभ देने के लिए रोगी कल्याण दफ्तर खोला है। यहां एक ही काउंटर से कार्ड बनाने के साथ सभी समस्याओं का समाधान किया जाता है। ओपीडी में आयुष्मान, असाध्य, दीनदयाल उपाध्याय और अन्य योजनाओं के लिए अलग-अलग रंगों के पर्चे दिए जाते हैं। इससे मरीजों व कर्मचारियों को सहूलियत रहती है।
पिछले वित्तीय वर्ष में खर्च हुए 6.43 करोड़
केजीएमयू में पिछले वित्तीय वर्ष में आयुष्मान योजना में 6.43 करोड़ रुपये का निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया गया। केजीएमयू को यह राशि केंद्र सरकार से प्राप्त हो गई।