प्रदेश सरकार विकास एजेंडा बेहतर ढंग से लागू करने वाले जनपदों की रैंकिंग को अंतिम रूप देने से पहले उनके आंकड़ों की जांच कराएगी। इसके लिए हर जिले में दो सदस्यीय जांच टीम भेजी जाएंगी।
प्रमुख सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग एसपी गोयल ने बताया कि जिलों से मिले आंकड़ों की जांच के बाद ही रैंकिंग फाइनल की जाएगी।
ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि बाद में किसी तरह का विवाद या संदेह पैदा न हो।
उन्होंने कहा कि जांच टीम को अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो उन्हें अपनी जांच रिपोर्ट में दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के नाम, पदनाम एवं वर्तमान तैनाती का विवरण प्रस्तुत करना होगा।
सत्यापन का कार्य तीन दिनों में पूरा करना होगा। सत्यापन के निष्कर्ष 30 जुलाई तक हर हाल में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।