लखनऊ। पत्नी से झगड़े की शिकायत पर एक युवक को सिपाही ने हुसैनगंज की छितवापुर चौकी बुलाया। वहां सिपाही ने युवक को कमरे में बंद कर डंडे व बेल्ट से बुरी तरह पीटकर चमड़ी उधेड़ दी। जानकारी पर इंस्पेक्टर ने सिपाही को जमकर फटकार लगाई। पीड़ित ने एडीसीपी (सेंट्रल) से शिकायत की है।
हुसैनगंज निवासी ईशान रावत उर्फ मोनू घर के निचले हिस्से में डेयरी चलाता है। शुक्रवार रात किसी बात पर मोनू का पत्नी शिल्पी से विवाद हो गया। शनिवार सुबह शिल्पी ने छितवापुर पुलिस चौकी में शिकायत कर दी। वहां मौजूद सिपाही अनिल यादव ने मोनू को फोन कर चौकी बुलाया। मोनू का आरोप है कि चौकी पहुंचते ही सिपाही ने उसे कमरे में बंद करके डंडे व बेल्ट से इस कदर पीटा कि वह बेहोश हो गया। आरोप है कि मोनू के शरीर से निकला खून सिपाही की पैंट पर लग गया। इसके चलते मोनू के होश में आते ही सिपाही बोला कि तुम्हारे खून से मेरी पैंट खराब हो गई। मोनू का आरोप है कि पैंट खराब होने से गुस्साए सिपाही ने उसके मुंह पर कई बार जूते मारे।
इसी बीच हुसैनगंज थाने के एसएसआई तेज कुमार शुक्ल वहां पहुंचे तो मोनू को लहूलुहान देख तुरंत कुर्सी पर बैठाकर पानी पिलाया और सिपाही को जमकर फटकार लगा इंस्पेक्टर को मामले से अवगत कराया। इंस्पेक्टर ने भी सिपाही को कड़ी फटकार लगाई मगर मोनू रावत का न तो मेडिकल कराया और न ही आरोपी सिपाही के खिलाफ कोई कार्रवाई की। मोनू के परिवारीजनों ने बलरामपुर अस्पताल ले जाकर उसका इलाज व मेडिकल कराया। मामले में एडीसीपी (सेंट्रल) राघवेंद्र मिश्र से शिकायत की गई है। उनका कहना है कि आरोपों की जांच कराकर सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।