वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. उमा अग्रवाल ने कहा कि विशेषज्ञों से आंखों की जांच और ऑपरेशन कराना चाहिए।
पुतली पर सफेद होना ही मोतियाबिंद का लक्षण नहीं होता है। नजर का कम होना, दिन-रात के नजर में ज्यादा फर्क महसूस करना, तेज रोशनी लगना, धूप का आंखों में चुभना, चश्मे का नंबर जल्दी-जल्दी बदलना आदि भी मोतियाबिंद का लक्षण होता है।
आंखों में लेंस को लेकर बहुत गलतफहमी है। विशेषज्ञ डॉक्टर से ऐसे लेंस लगवाना चाहिए जो चश्मे से मुक्ति दे दें। वर्तमान में लगने वाले लेंस के साथ चश्मा भी जरूरी हो रहा है।
यह स्थिति ठीक नहीं है। डॉ. अग्रवाल शुक्रवार को आई केयर सेंटर अशोक नगर में आयोजित जागरूकता शिविर को संबोधित कर रही थीं।