प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्रा ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन वे कुलपति से मिलने की मांग पर अड़े रहे। वहीं, कुलपति ने अपनी जगह दोबारा निदेशक प्रो. सिंह को ही छात्रों के बीच भेज दिया। इससे छात्र और नाराज होकर नारेबाजी करने लगे।
शुक्रवार को हुए हंगामे मामले में निदेशक प्रो. कमान सिंह ने लॉ विभाग के छात्र हर्षित शुक्ला, एमबीए के आशुतोष मिश्रा आदि के खिलाफ छात्रों को भड़काने, विभाग में तोड़फोड़ करने के मामले में कार्रवाई के लिए प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्रा को लिखित दिया है।
वहीं दूसरी तरफ छात्रों ने प्रो. कमान सिंह पर मारपीट, गाली-गलौज, गार्डों द्वारा लाठीचार्ज कराने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। छात्रों ने बताया कि देर रात निदेशक धरना स्थल पर पहुंचे और अभद्रता की और मारपीट की कोशिश की। विवि प्रशासन ने देर शाम निर्णय लिया कि बीटेक अंतिम वर्ष का कोर्स पूरा है, इसकी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय 7 दिसंबर से कराई जाएंगी। वहीं, जिनके कोर्स नहीं पूरे हुए हैं, उनके कोर्स पूरा होने के एक सप्ताह बाद परीक्षाएं कराई जाएंगी।
मैंने नहीं मारा
मैंने किसी को नहीं मारा। एक छात्र ने मेरे लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विद्यार्थियों ने कई जगह शीशे तोड़े हैं। मैंने पहले भी कहा था कि जिनका कोर्स नहीं पूरा है, उनके कोर्स पूरा कराकर ही परीक्षाएं होंगी। किंतु छात्र उग्र हो गए। - प्रो. कमान सिंह, निदेशक यूआईईटी