ट्राई साइकिल चलाने में दिव्यांगों की काफी ताकत लगानी पड़ती है। इसकी प्रक्रिया आसान करने को बीबीडी एनआईआईटी के बीटेक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने हैंडीकैप स्टीयरिंग ट्राई साइकिल का विकास किया है। इससे दिव्यांगों को इसे चलाने में कम ताकत लगेगी और वे इसे आसानी से घुमा भी सकेंगे।
बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र नवीन पांडेय ने बताया कि देखा गया है कि दिव्यांगों को ट्राई साइकिल चलाने में समस्या होती है और काफी ताकत लगानी पड़ती है। कई बार वेे जाम में फंस जाते हैं तो ट्राई साइकिल को पीछे करने की सुविधा नहीं होती। इसे देखते हुए हमने यह मोडीफाइड ट्राई साइकिल बनाई है।
इसमें क्रैक लीवर मैकेनिज्म का प्रयोग हुआ है। साइकिल में छोटी स्टीयरिंग लगाई गई है। एक हाथ से इसे आसानी से घुमाया जा सकता है। इसे सामान्य पाइप से पहले पहिये से जोड़ दिया जाता है। साथ ही ऑटोकैट डिजाइन किए जाने से इसे आसानी से पीछे भी मोड़ा जा सकेगा।
इसमें खोखले स्टील के पाइप और रॉड का इस्तेमाल किया गया है। इससे साइकिल भी हल्की होती है। इसमें छोटा इंजन लगा दिया जाए तो दिव्यांगों की पूरी समस्या का समाधान हो जाएगा। इनोवेशन में निशांत मिश्रा, प्रणव शर्मा, शुभम पांडेय शामिल हैं।