सफदरगंज थाना क्षेत्र के दादरा गांव के कार चालक पंकज कुमार की कार लूटकर उसकी हत्या कर नहर में फेंकने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार शाम पुलिस लाइन सभागार में एडिशनल एसपी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने विस्तार से पूरी घटना बताई।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
सफदरगंज दादरा गांव निवासी पंकज कुमार अपनी अर्टिगा कार बुकिंग पर चलाते थे। 24 जनवरी को लखनऊ के कमता चौराहे से कुछ लोगों ने उनकी कार गोरखपुर जाने के लिए बुक कराई। पंकज ने परिजनों को इसकी जानकारी देकर यात्रा शुरू की, लेकिन वापस नहीं लौटे। जब 26 जनवरी तक उनका कोई पता नहीं चला तो पिता प्रेमशंकर ने सफदरगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों तक पहुंची।
पहचान बन गई मौत की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि कार लूटने के बाद जब पंकज ने एक आरोपी हसीब को पहचान लिया तो बदमाशों ने उसकी हत्या कर शव इंदिरा नहर में फेंक दिया।
ऐसे हुआ खुलासा: रविवार को पुलिस ने गदिया और चंदौली गांव से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने पूरी वारदात कबूल कर ली। इसके बाद देर शाम तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में वसीम (काली बेहटा, बाराबंकी), निकेत कुशवाहा (नौनपार, देवरिया), आशुतोष कुमार (बरियारपुर, चंदौली), नूरसीद अली (टियरी मछरौली, सुल्तानपुर) और गौरव सिंह (काशीराम आवास, अकबरपुर, कानपुर देहात) शामिल हैं। हसीब, जो पहले भी रायबरेली में इसी तरह की वारदात कर चुका है, जेल में है। एसपी दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, हत्या में कुल दस लोग शामिल थे। एक आरोपी को रायबरेली पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब नहर में पंकज के शव की तलाश कर रही है।