मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को टिहरी के नरेंद्र नगर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 24वीं बैठक में शामिल हुए। इसमें हर गांव के पांच किमी दायरे में बैंक सुविधा और देश में दो लाख नई कृषि ऋण समितियों के गठन पर मंथन हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सदस्य राज्य उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक से जुड़े। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू बैठक में शामिल हुए।
बैठक में एशियाई खेलों में भारत के पहली बार 100 से अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले सभी खिलाड़ियों का करतल ध्वनि से अभिनंदन का प्रस्ताव पारित किया गया। चंद्रयान-3 की शानदार सफलता, जी-20 सम्मेलन के सफल आयोजन और ऐतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक पारित किए जाने का भी स्वागत किया गया।
इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका सलाहकार से बदलकर ''एक्शन प्लेटफॉर्म'' के रूप में कारगर साबित हुई है। उन्होंने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में शामिल मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों का देश के जीडीपी में बहुत बड़ा योगदान है। ये राज्य देश में कृषि, पशुपालन, अनाज उत्पादन, खनन, जलापूर्ति और पर्यटन का प्रमुख केंद्र हैं।
बैठक में पांच किमी के दायरे में हर गांव तक बैंकिंग सुविधा, देश में दो लाख नई प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पीएसीएस) के गठन, रॉयल्टी और खनन संबंधित मुद्दों, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में बुनियादी सुविधाओं के निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान सहकारिता, स्कूली बच्चों की ड्रॉप आउट दर और कुपोषण जैसे मुद्दों पर विशेष तौर पर चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा, अपर मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद भी उपस्थित रहे।
10 साल में क्षेत्रीय परिषदों की हुई ज्यादा बैठकें
यहां बता दें कि वर्ष 2004 से 2014 तक क्षेत्रीय परिषदों की 11 और स्थाई समितियों की 14 बैठकें हुईं, जबकि 2014 से 2023 तक क्षेत्रीय परिषदों की 25 और स्थाई समितियों की 29 बैठकें हुईं हैं। इसके अलावा 2004 से 2014 के बीच कुल 570 मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से 448 को सुलझा लिया गया था। जबकि 2014 से 2023 के बीच कुल 1315 मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से 1157 मुद्दों को सुलझा लिया गया।